लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
झालावाड़। मेडिकल कॉलेज झालावाड़ के सर्जरी विभाग ने विश्व की अति दुर्लभ बीमारी लम्बर हर्निया का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. हुकुमचंद मीणा एवं उनकी पांच सदस्यीय टीम ने 58 वर्षीय महिला पूरी बाई का सफल ऑपरेशन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। बताया जा रहा है कि विश्वभर में अब तक इस बीमारी के केवल लगभग 300 मामले ही सामने आए हैं।
अकलेरा कस्बे के गदिया जयमल गांव निवासी पूरी बाई की कमर पर लंबे समय से गिठान थी, जिससे उन्हें असहनीय दर्द रहता था। जांच के बाद लम्बर हर्निया की पुष्टि हुई। करीब 1 से 1:30 घंटे चले ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। वर्तमान में महिला स्वस्थ है और अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
क्या है लम्बर हर्निया?
डॉ. हुकुमचंद मीणा के अनुसार लम्बर हर्निया एक दुर्लभ स्थिति है, जिसमें पेट के अंदरूनी अंग या ऊतक कमर के पिछले हिस्से की मांसपेशियों की कमजोरी के कारण बाहर की ओर उभर आते हैं। यह आमतौर पर पसलियों और कूल्हे की हड्डी के बीच विकसित होता है। इस बीमारी का पहला उल्लेख 1672 में चिकित्सक बार्बेट द्वारा किया गया था।
प्रमुख लक्षण
-
कमर के एक या दोनों ओर सूजन या उभार
-
खड़े होने, खांसने या वजन उठाने में दर्द
-
चलने-फिरने में कठिनाई
-
पेट दर्द, मितली या कब्ज जैसी समस्याएं
मांसपेशियों की कमजोरी, उम्र बढ़ना, मोटापा, लंबे समय तक खांसी या भारी वजन उठाना इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। आंत के फंसने की स्थिति में यह आपातकालीन अवस्था बन सकती है।
डॉ. मीणा ने बताया कि अपने 15 वर्ष के चिकित्सा करियर में यह उनका पहला लम्बर हर्निया ऑपरेशन है। टीम में डॉ. रजत, डॉ. यमुना प्रसाद, डॉ. संजीव और डॉ. आतिशी शामिल रहे। पीजी छात्र डॉ. रजत ने इसे अपने लिए सीखने का दुर्लभ अवसर बताया।
महिला पूरी बाई ने सफल ऑपरेशन के बाद खुशी जताते हुए कहा कि अब उन्हें चलने-फिरने और सांस लेने में पहले की तुलना में काफी राहत महसूस हो रही है।
