लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रिटायरमेंट के बाद परिवार ने बेटे की तरह पाला, शिवरात्रि पर निधन
दिल्ली/ अलवर …देश की सुरक्षा में वर्षों तक अहम भूमिका निभाने वाला Central Industrial Security Force (CISF) का रिटायर्ड डॉग स्क्वॉड जवान ‘फ्रूडो’ अब इस दुनिया में नहीं रहा। दिल्ली एयरपोर्ट पर अपनी सेवाएं देने वाला यह बहादुर साथी महाशिवरात्रि के पावन दिन परिवार को छोड़कर चला गया, जिससे शोक की लहर दौड़ गई।
फ्रूडो ने दिल्ली एयरपोर्ट पर तैनाती के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अपनी सूंघने की क्षमता, सतर्कता और अनुशासन के कारण वह CISF टीम का भरोसेमंद सदस्य रहा। ड्यूटी के दौरान उसने हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और बहादुरी से निभाया।
रिटायरमेंट के बाद फ्रूडो CISF में तैनात मनीषा को मिला था। मनीषा ने बाद में अपने भाई मलखान को उसे सौंप दिया। इसके बाद फ्रूडो को जीजा बाबूलाल और बहन हिमलेश के घर रखा गया, जहां उसे परिवार के सदस्य की तरह अपनाया गया।
बहन हिमलेश ने उसे बच्चों की तरह प्यार और स्नेह दिया। समय पर देखभाल, भोजन और दुलार—हर चीज में उसे बेटे जैसा मान-सम्मान मिला। घर के आंगन से लेकर हर कमरे तक उसकी चहल-कदमी से रौनक बनी रहती थी। बच्चों के साथ उसका अपनापन पूरे परिवार के लिए सुकून का कारण था।
परिवारजनों का कहना है कि फ्रूडो केवल एक डॉग नहीं था, बल्कि घर का बेटा और सच्चा रक्षक था। उसकी मौजूदगी घर में सुरक्षा और स्नेह दोनों का अहसास कराती थी।
महाशिवरात्रि जैसे पावन दिन उसका यूं चले जाना परिवार के लिए बेहद भावुक क्षण बन गया। एक सच्चे जवान और वफादार साथी के रूप में फ्रूडो की यादें हमेशा दिलों में जीवित रहेंगी।
परिवार ने नम आंखों से अपने इस बहादुर साथी को अंतिम विदाई दी और उसे श्रद्धांजलि अर्पित की















































