डग उप स्वास्थ्य केंद्र पर 22 डॉक्टर स्वीकृत, 6 तैनात, कैसे मिले इलाज?

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क (सुनील निगम की रिपोर्ट)
झालावाड़ डग । डग उप स्वास्थ्य केंद्र पर 22 डॉक्टर की स्वीकृति है लेकिन अस्पताल में मात्र 6 डॉक्टर ही पदस्थ है, तो कैसे मिले इलाज। लंबे समय से अस्पताल में करीब 16 डॉक्टर की कमी चल रही है और यह इलाका पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का भी है इसके बावजूद अभी तक सरकार ने चिकित्सा विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

भाजपा  सरकार  में  ही  इलाके की उपेक्षा 

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हालत तो तब है जब प्रदेश में भाजपा की सरकार है लोगों ने डॉक्टर की कमी दवाइयां और अन्य उपकरणों की कमी को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया है लेकिन समस्याओं में सुधार नहीं हो रहा है । डॉक्टरों की कमी को लेकर उच्च अधिकारियों को लिखित में कई बार अवगत कराया जा चुका है।
बाहर की दवा लिखने पर रोक फिर भी लिख रहे हैं 

अस्पताल के डॉक्टर ने मेडिसिन स्टाफ को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में दवाई उपलब्ध है ,तो मरीज को बाहर की दवा   मंगवाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। साथ ही विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित भी कर दिया कि वह सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक कार्यालय समय में अपने-अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से  रहेंगे । लेकिन हकीकत यह है कि 1:00 बजे बाद में स्टाफ मिलता ही नहीं है। मैरिज दुर से आते हैं और परेशान होकर चल जाते हैं। इस बारे  में लोगों ने  पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी शिकायत की है और सांसद दुष्यंत सिंह को भी शिकायत की है। अभी हाल ही में डग उप चिकित्सा केंद्र में दवों और उपकरणों की कमी की खबरों के बाद चिकित्सा विभाग ने आईवी सेट और कनोला की व्यवस्था तो कर दी है। लेकिन अस्पताल डॉक्टरो की कमी से जूझ रहा है, जिसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चिकित्सा स्टाफ पर भारी दबाव
अस्पताल में 22 डॉक्टरों की स्वीकृत है लेकिन 6 डॉक्टर ही कार्यरत है और पदस्थ है , ऐसे में जो डॉक्टर से उन पर वर्कलोड इतना बढ़ गया है कि वह सब मरीजों पर प्रॉपर ध्यान नहीं दे पाते, जिसके चलते कई बार मरीजों की शिकायत भी रहती है। इन तस्वीरों को देखकर भी आपको अंदाजा होगा कि एक डॉक्टर कैसे प्रॉपर इलाज करेगा ,जब वर्कलोड ही इतना हो। ऐसे में सरकार को चाहिए कि डॉक्टर की प्रॉपर उपलब्धता तय करें जिससे  मरीजों को सही इलाज मिल सके।

पूर्व में  थे  22 डॉक्टर

वसुंधरा राजे और कांग्रेस सरकार में यहां 22 डॉक्टर पोस्टेड थे तो अब भी बीजेपी की सरकार है फिर यहां डॉक्टर क्यों नहीं लगाए जा रहे।   जबकि यहां पर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है आउटडोर भी भरपूर है। इसके बावजूद चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि न जाने चिकित्सा विभाग कब किशोर ध्यान देगा और कब जागेगा
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