Home latest और रो पड़ी वसुंधरा राजे… बोली, “तीनों के बिना जीवन सूना”

और रो पड़ी वसुंधरा राजे… बोली, “तीनों के बिना जीवन सूना”

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

खानपुर/झालवाड़। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शनिवार को खोयरा गांव स्थित मुक्तेश्वर मंदिर में भावुक हो उठीं। सांसद दुष्यंत सिंह की पद यात्रा के तीसरे चरण के अवसर पर एक युवती अदिति शर्मा बकानी ने उन पर कविता पढ़ी, जिसमें उनके माता-पिता राजमाता विजय राजे सिंधिया, पिता जीवाजी राव सिंधिया और भाई माधव राव सिंधिया का उल्लेख था। कविता सुनते ही वसुंधरा राजे भावुक हो गईं और रोने लगीं।

पूर्व सीएम ने कहा, “मेरे जीवन में इन तीनों के योगदान को मैं कभी नहीं भूल सकती। आज इनके बिना जीवन बहुत सूना लगता है।” उन्होंने यह भी बताया कि माता-पिता और भाई अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन लोगों के प्यार और समर्थन में वे उन्हें महसूस करती हैं।

वसुंधरा राजे ने पदयात्रा के बारे में कहा कि इसका कोई राजनीतिक मायना नहीं है। यह यात्रा विकास के मार्ग पर चलने, लोगों से मिलकर उनकी तकलीफें जानने और उनका समाधान करने की है। उनका कहना था कि यह यात्रा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास सुनिश्चित करने की है। उनका संदेश था: “सबका सम्मान, सबका उत्थान और हर वाजिब समस्या का समाधान।”

पूर्व सीएम ने जोर देकर कहा कि उनका लोगों से रिश्ता दल के आधार पर नहीं बल्कि दिल से है, और उन्हें सबसे ज्यादा जनता का प्यार मिलता है, जो उनके लिए धन-दौलत से कहीं अधिक मूल्यवान है।

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