लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया)
जयपुर। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने सदन में जल प्रबंधन, भूजल संरक्षण और डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण जनहित मुद्दों को उठाते हुए सरकार से योजनाओं की वास्तविक स्थिति और प्रभाव पर विस्तृत जानकारी मांगी। इस पर जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने अटल भूजल योजना सहित देशभर की प्रमुख जल संरक्षण पहलों की वर्तमान स्थिति साझा की।
7 राज्यों की 8203 ग्राम पंचायतों में लागू अटल भूजल योजना
मंत्री चौधरी ने बताया कि यह योजना सामुदायिक नेतृत्व आधारित है, जो गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की 8203 ग्राम पंचायतों में लागू है।
इसका उद्देश्य:
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भूजल स्तर में सुधार
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समुदायों को जल प्रबंधन से जोड़ना
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मांग-पक्ष प्रबंधन को मजबूत करना
इसके परिणामस्वरूप हजारों गांवों में जल उपयोग को लेकर जागरूकता और भागीदारी बढ़ी है।
डिजिटल मॉनिटरिंग से बदला जल प्रबंधन का स्वरूप
मंत्री ने बताया कि जियो-मंडल GIS प्लेटफॉर्म, डिजिटल डैशबोर्ड और राष्ट्रीय भूजल सूचना प्रणाली (NAGIS) ने जल प्रबंधन को रियल-टाइम और अधिक पारदर्शी बनाया है।
देशभर में:
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23,000 डिजिटल जल–स्तर रिपोर्टिंग स्टेशन
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IOT आधारित भूजल मीटरिंग उपकरण
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पाईजोमीटर नेटवर्क का विस्तार
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जलाशयों का डिजिटल डेटा संग्रह
इन तकनीकों से राज्यों को भूजल की प्रवृत्तियों, रिचार्ज दरों और जल उपलब्धता के वैज्ञानिक आकलन में बड़ी सहायता मिल रही है।
जलाशयों की स्थिति की नियमित निगरानी
केंद्रीय जल आयोग द्वारा विकसित सिस्टम से
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592 बांधों के जल स्तर
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150 मासिक जल नमूने
का विश्लेषण किया जाता है।
राष्ट्रीय जल सूचना-विज्ञान केंद्र अब देश का प्रमुख जल डेटा बैंक बनकर नीति निर्धारण में अहम भूमिका निभा रहा है।
सामुदायिक भागीदारी और तकनीक बना रही हैं जल भविष्य को सुरक्षित
सांसद राठौड़ ने कहा कि जन समुदाय की भागीदारी और सरकार की आधुनिक तकनीक मिलकर भारत के जल भविष्य को सुरक्षित बना रही हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक राज्य जल संरक्षण और भूजल प्रबंधन में अधिक स्वावलंबी व तकनीकी रूप से सशक्त बने।








































