अमरूद बनेगा सवाई माधोपुर की नई वैश्विक पहचान : मीणा

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
देश में पहली बार सवाई माधोपुर में अमरूद महोत्सव का भव्य शुभारंभ
150 करोड़ रुपये से अधिक लागत की अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित 
लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला के मुख्य आतिथ्य में किसानों, वैज्ञानिकों व उद्योग जगत का ऐतिहासिक संगम
सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर के 263वें स्थापना दिवस के अवसर पर जिले ने इतिहास रचते हुए देश का पहला अमरूद महोत्सव आयोजित कर स्वयं को राष्ट्रीय कृषि मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई। पंच गौरव अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन एवं कृषि–उद्यानिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अमरूद महोत्सव एवं उन्नत कृषि तकनीकी मेला–2026 का भव्य शुभारंभ  ओम बिरला,  लोकसभा अध्यक्ष के मुख्य आतिथ्य में दशहरा मैदान में संपन्न हुआ।
यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत, नवाचार, आत्मनिर्भरता और भविष्य की कृषि अर्थव्यवस्था को दिशा देने वाला ऐतिहासिक क्षण बन गया।
फीता काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ, अमरूद की विविधता ने अतिथियों को किया आकर्षित
कार्यक्रम की शुरुआत में लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला ने कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के साथ फीता काटकर अमरूद प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने प्रदर्शनी का सघन अवलोकन किया।
अवलोकन के दौरान अतिथियों ने गंभीरा गांव के राष्ट्रीय स्तरीय सम्मान से सम्मानित किसान सहित अन्य किसानों के स्टॉल पर पहुँचकर अमरूद की विभिन्न उन्नत किस्मों—ललित, इलाहाबाद सफेद, श्वेता, सिस ललित सहित अन्य किस्मों की जानकारी ली। किसानों द्वारा अपनाई गई वैज्ञानिक तकनीकों, पैदावार और विपणन मॉडल को भी विस्तार से समझा गया।
श्यामपुर के किसान की सफलता बनी प्रेरणा
प्रदर्शनी के दौरान श्यामपुर के किसान ने बताया कि वे प्रति बीघा 6 से 7 लाख रुपये से अधिक का वार्षिक उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने अमरूद की एक विशेष किस्म सीएनआरसी आधारित उन्नत पौध से उत्पादन कर जिले के अन्य किसानों के लिए एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि ने किसान की मेहनत, नवाचार और जोखिम उठाने की क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण ही भारतीय कृषि का भविष्य तय करेंगे।
ब्लैक अमरूद और औषधीय गुणों ने खींचा विशेष ध्यान
नर्सरी सेक्शन में प्रदर्शित 25 से 30 प्रजातियों के अमरूद पौधों का अवलोकन करते हुए माननीय अतिथियों ने ब्लैक अमरूद की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता, औषधीय गुणों और बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग की विशेष रूप से प्रशंसा की।
विशेषज्ञों ने बताया कि ब्लैक अमरूद मधुमेह, हृदय रोग और इम्युनिटी बूस्टिंग के लिए अत्यंत लाभकारी है, जिससे इसका वैश्विक बाजार तेजी से बढ़ रहा है।
स्थानीय उत्पादों ने बटोरी वाहवाही
प्रदर्शनी में स्थानीय उत्पादों की अलग ही चमक देखने को मिली। राम प्रसाद जी द्वारा तैयार अमरूद का हलवा, चटनी, बर्फी और अचार ने अतिथियों और आगंतुकों को खासा प्रभावित किया।
इसके साथ ही सवाई माधोपुर के प्रसिद्ध पाँच प्रकार के अमरूद से बने जूस, बर्फी, जेली, कैंडी को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया, जिसने स्थानीय प्रसंस्करण क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।
राष्ट्रीय संस्थानों की सहभागिता से मिला तकनीकी बल
केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान द्वारा विकसित सी.आई. एस. एच. ललित, सी.आई. एस. एच. श्वेता सहित अन्य किस्मों की जानकारी दी गई।
सीफेट लुधियाना के वैज्ञानिकों ने अमरूद के प्रत्येक भाग के उपयोग से बनने वाले उत्पादों की जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार छिलका, गूदा और बीज भी आय का स्रोत बन सकते हैं।
कृषि विश्वविद्यालयों और केवीके के उत्पादों का स्वाद परीक्षण
झालावाड़, कोटा कृषि विश्वविद्यालय, हॉर्टिकल्चर ट्रेनिंग सेंटर कोटा, कृषि विज्ञान केंद्र सवाई माधोपुर सहित विभिन्न संस्थानों द्वारा तैयार अमरूद जूस, धनिया बर्फी, बाजरे के बिस्किट, अमरूद आधारित वैल्यू-एडेड उत्पाद
का मुख्य अतिथि एवं जनप्रतिनिधियों ने स्वाद परीक्षण किया और इन प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में किसानों ने अतिथियों को अमरूद, हल और जेली को अमरूद महोत्सव के प्रतीक स्वरूप भेंट किया गया।
कृषि मंत्री ने बताया कि महोत्सव में 250 से अधिक स्टॉल लगाकर किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती, आधुनिक यंत्र और उच्च गुणवत्ता बीजों की जानकारी दी जा रही है, जिससे किसान उत्पादन बढ़ाकर आय में वृद्धि कर सकेंगे।
कृषि मंत्री का भावुक संबोधन : संघर्ष से समृद्धि तक की यात्रा
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अपने संबोधन में वर्ष 1988 की स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि जब सवाई माधोपुर में सीमेंट फैक्ट्री बंद हुई थी, तब श्री ओम बिरला मजदूरों और किसानों के साथ आंदोलन में सहभागी रहे।
उसी दौर में फैक्ट्री मालिक द्वारा लाए गए अमरूद के पौधों को मजदूरों और किसानों ने अपनाया और आज वही अमरूद सवाई माधोपुर को देश की अमरूद राजधानी बना रहा है।
अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट से बदलेगी किस्मत
कृषि मंत्री ने घोषणा की कि सवाई माधोपुर में 150 करोड़ रुपये से अधिक लागत की अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जिसमें जेली, कैंडी, चिप्स, अचार, पापड़ जैसे उत्पादों का निर्माण होगा।
इसके साथ कोल्ड स्टोरेज, सॉर्टिंग, ग्रेडिंग और इनक्यूबेशन सुविधाएँ विकसित होंगी, जिससे किसानों को उपज बाहर नहीं ले जानी पड़ेगी।
जल, सिंचाई और कृषि सुधार की बड़ी घोषणाएँ
डॉ. मीणा ने बताया कि 600 करोड़ रुपये के विकास कार्य शीघ्र प्रारंभ होंगे।
सुरवाल बांध से बनास नदी में पानी डालने हेतु 110 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी
पीकेसी–ईआरसीपी के तहत डूंगरी बांध से 17 जिलों को पेयजल व सिंचाई 4.28 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा
खाद–बीज में मिलावट पर सख्ती
उन्होंने बताया कि सरकार ने 11826 विक्रेताओं पर छापे मारकर नकली खाद–बीज पर रोक लगाई है और किसानों को धोखा देने वालों के लिए 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान लाया जाएगा।
किसानों की आय बढ़ेगी तभी भारत सशक्त बनेगा’
लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला ने कहा कि जब तक किसान की आय नहीं बढ़ेगी, तब तक देश की प्रगति अधूरी रहेगी। आने वाले समय में देश–दुनिया के लोग स्वास्थ्य के लिए सवाई माधोपुर का अमरूद खाएँगे और यह क्षेत्र वैश्विक कृषि मॉडल बनेगा।
किसानों की ऐतिहासिक सहभागिता
इस अवसर पर हजारों की संख्या में किसान, वैज्ञानिक, उद्यमी और आमजन उपस्थित रहे। अमरूद महोत्सव ने सवाई माधोपुर को कृषि नवाचार, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार दिया।
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