धौलपुर। ( मुनेश वरिष्ठ संवाददाता ) जिले के कंचनपुर थाना इलाके के गांव अजीतपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन की कथा प्रारंभ करते हुए कथावक्ता संदीप उपाध्याय ने भगवान की अनेक लीलाओं में श्रेष्ठतम लीला रास लीला का वर्णन करते हुए बताया कि रास तो जीव का शिव के मिलन की कथा है। यह काम को बढ़ाने की नहीं काम पर विजय प्राप्त करने की कथा है। इस कथा में कामदेव ने भगवान पर खुले मैदान में अपने पूर्व सामर्थ्य के साथ आक्रमण किया है । लेकिन वह भगवान को पराजित नही कर पाया। उसे ही परास्त होना पड़ा है । रास लीला में जीव का शंका करना या काम को देखना ही पाप है । गोपी गीत पर बोलते हुए व्यास ने कहा जब तब जीव में अभिमान आता है भगवान उनसे दूर हो जाते है।
भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग को सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मणि के साथ संपन्न हुआ लेकिन रुक्मणि को श्रीकृष्ण द्वारा हरण कर विवाह किया गया।कृष्ण रुक्मणि विवाह के दौरान प्रस्तुत किये गए भजनों पर महिलाओं ने जमकर ठुमके लगाए। इस दौरान ग्रामीण बालिकाओं द्वारा कृष्ण रुक्मणि की सजाई गई झांकी के कन्या दान करने की महिलाओं एवं पुरुषों में होड़ सी लग गई।कंस बध की कथा में भागवत प्रवक्तता ने बताया कि जीत हमेशा सत्य की होती है और अधर्म के मार्ग पर चलने बालो का नाश हो जाता है।
इस दौरान सुरेंद्र सिंह,कोमलसिंह,रविन्द्र सिंह,सुमेरसिंह,विजेंद्र सिंह,सुरेश सिंह,केशव सिंह,मानसिंह,भीमसेन,नत्थी सिंह, मेघसिंह, रामनिवास, ओमवीर आदि सैकङो श्रोतागण उपस्थित रहे।इसी दौरान युवायों की टीम द्वारा 151 मीटर का साफा पहनाकर कथाव्यास का स्वागत किया गया।
