
गोरखधंधा शब्द पर लगे बैन, विधानसभा के पटल से भी हटाया जाए
दौसा। बांदीकुई।( राजकुमार चतुर्वेदी सीनियर रिपोर्टर) विधायक भागचंद टांकड़ा द्वारा विधानसभा में उठाए मिलावट के मामले में गोरखधंधा शब्द बोलने पर भड़के नाथ समाज के लोगों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर टांकड़ा का पुतला फूंका। समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम एडीएम सुमित्रा पारीक को ज्ञापन देकर गोरखधंधा शब्द को बैन करने की मांग की।
गोरख सम्मान का प्रतीक लेकिन होता है इस शब्द का दुरुपयोग

नाथ समाज के लोगों का कहना था कि पूरे भारत में गुरु गोरखनाथ के लगभग 20 करोड़ अनुयायी निवास करते हैं। गुरु गोरखनाथ नाथ समाज योगी समाज के आराध्य देव हैं। गोरखधंधा शब्द अच्छे व उत्कृष्ट कार्यो में प्रयोग किया जाता है। इस शब्द की महिमा आज तक गुरु गोरखनाथ के अलावा कोई नहीं समझ पाया। राजस्थान विधानसभा सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को बांदीकुई विधायक भागचंद टांकडा ने खाद्य सामग्री में मिलावट करने को लेकर अनैतिक कार्य के साथ गोरखधंधे शब्द का कई बार इस्तेमाल किया है। इससे राजस्थान सहित पूरे देश के नाथ समाज एवं गोरखनाथ के भक्तों को गहरी ठेस पहुंची है।
उन्होंने राजस्थान विधानसभा की कार्रवाई से इस संदर्भ को पटल से हटाने की मांग की। साथ ही कहा कि बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। गोरखधंधा शब्द को इसी बजट में बैन कर कानून बनाया जाए। राजस्थान बीजेपी ने घोषणा पत्र में इसकी 2018 में घोषणा की थी जिसे लागू किया जाए। भविष्य में समाज का ऐसा अपमान नहीं किया जाए।
ज्ञापन देने वालों में युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विनोद योगी, सीताराम योगी भांवता, गणेश योगी, पंडित बबलू तिवाड़ी, सतीश योगी, रोशन योगी, लक्ष्मण, ग्यारसीलाल, रामकेश, विष्णु नाथ महेश्वरा , रामखिलारी वकील, बुद्धाराम, रामकेश योगी, रामवतार योगी, लक्ष्मण योगी आदि नाथ सम्प्रदाय के अनुयाई मोजूद थे।

















































