मुख्यमंत्री भजनलाल ने मानसरोवर में खोला जनसुनवाई कार्यालय

0
76
- Advertisement -

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर के एसएफएस मानसरोवर स्थित राजस्थान आवासन मण्डल कार्यालय में मुख्यमंत्री जनसुनवाई कार्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच विधिवत् पूजा-अर्चना कर परिसर का अवलोकन किया। श्री शर्मा ने कार्यालय परिसर में पारिजात का पौधा लगाकर आमजन को भी हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने आमजन के जन अभाव अभियोग सुने तथा अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए निर्देश दिए।

शर्मा ने इस मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के नवाचार की शुरूआत सांगानेर से करने की खुशी है। यह जनसुनवाई केन्द्र सांगानेर ही नहीं अपितु पूरे राजस्थान के आमजन के लिए है। यहां सक्षम अधिकारी बैठेंगे तथा शिकायतों का मौके पर निस्तारण करना सुनिश्चित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भावना के अनुरूप अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को केन्द्र व प्रदेश की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले। शर्मा ने कहा कि निष्पक्ष सेवाभाव तथा अंत्योदय प्रण से ही प्रदेश के सर्वांगीण विकास की राह सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि जनता के भरोसे पर खरा उतरना हमारा प्रथम कार्य है। इसी क्रम में संकल्प पत्र में किए गए वादों को समय से पहले धरातल पर उतारना राज्य सरकार का लक्ष्य है।

समारोह में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

सभी मुख्यमंत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए बनाए थे अलग से सेंटर

राजस्थान में भलाई कोई भी मुख्यमंत्री रहो लेकिन उसने अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए अलग से ही व्यवस्था स्थापित की थी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत क्योंकि पूरे सुबह के मुख्यमंत्री होने के चलते जोधपुर और खासतौर पर अपने विधानसभा क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते थे इसलिए उन्होंने इसके लिए अलग से अधिकारियों की एक टीम लगा रखी थी और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को और खुद के परिवार के लोगों को यह जिम्मेदारी दे रखी थी यहां तक की सीएम हाउस आने वाले जोधपुर वालों को स्पेशल एंट्री मिलती थी और सरदारशहर वालों को भी अलग से दी जाती थी।

वसुंधरा राज में झालरापाटन झालावाड़

जब मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे थी तब झालावाड़ झाला पाटन और कोटा संभाग वालों को ज्यादा तवज्जो मिलती थी और क्योंकि वसुंधरा राजे खुद मुख्यमंत्री रहते हुए झालरापाटन पर ध्यान नहीं दे पाती थी तो ऐसी स्थिति में जलना पाटन के लिए अलग से अधिकारी लगाए जाते थे जो झालरापाटन की समस्याओं का समाधान करते थे

ऐसी ही व्यवस्था ऐसी ही व्यवस्था स्वर्गीय मोहन लाल सुखाड़िया, जगन्नाथ पहाड़िया ,हीरालाल देवपुरा ,शिवचरन माथुर, भैरू सिंह जी शेखावत सहित तमाम मुख्यमंत्रियों ने की थी। वह अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का समाधान के लिए अलग से एक विंग बनाकर काम करते थे ।ऐसे में भजनलाल शर्मा को भी चाहिए कि वह सांगानेर विधानसभा जिससे वह जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं और मुख्यमंत्री बने हैं ,वहां की समस्याओं के समाधान के लिए अलग से टीम बनाएं। जो सांगानेर विधानसभा की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने की कोशिश करें। क्योंकि अब समय की तुलना भी एक विप विधानसभा क्षेत्र के तौर पर होगी जब भी चुनाव आएंगे तो विधानसभा क्षेत्र सांगानेर में जाकर मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के नाते यहां के लोगों की समस्याओं का राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा बनाया जाएगा इसलिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जिम्मेदारी बनती है कि वह है सांगानेर के इलाके के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए अलग से रिंग बनाकर इसकी जिम्मेदारी किसी सक्षम अधिकारी को दे और समय-समय पर खुद मॉनिटरिंग करें क्योंकि सारे में मानसरोवर के अटैक पृथ्वीराज नगर में मान्यावास, मांगियावास, गोलियावास,गणतपुरा, संहिता आसपास की सैकड़ो कॉलोनी में अभी भी नियमन नहीं हुआ है लोग सड़क पानी बिजली के कनेक्शन को तरस रहे हैं सीवरेज का तो अभी दूर-दूर तक काम बताया है यहां तक की पीने का पानी भी अभी तक मानसरोवर इलाके से अटैक की सैकड़ो कॉलोनी में नहीं पहुंचा है ऐसे में सांगानेर इलाका ही विकास से पूरी तरह से अछूता है क्योंकि पूर्व विधायकों ने सहने पर कभी ध्यान नहीं दिया ऐसे में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने विधानसभा में इन समस्याओं का समाधान करें और अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपे।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here