जयपुर। अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम जी जन्मोत्सव को सोसाइटी आफ ब्राहम्ण एक्जुकेटिवस् राजस्थान द्वारा भगवान परशुराम तपोस्थली जमदग्नि ऋषि आश्रम रूण्डल में जहाँ सोबर के सहयोग से भगवान परशुराम जी का भव्य मन्दिर बनाया जा रहा है, में मनाया गया।
सोबर के अध्यक्ष डॉ. शिव गौतम ने बताया कि इस आश्रम में पिछले वर्ष 108 कुण्डीय यज्ञ हुआ था और भगवान परशुराम जी की अष्ठ धातु की 7’6″ ऊँची मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा सोबर के सहयोग से हुई।
सोबर के महासचिव इंजीनियर आर सी शर्मा ने बताया कि जमदग्नि ऋषि आश्रम रूण्डल जो उक्त मूर्ति सोबर द्वारा प्राण प्रतिष्ठा कर पिछले वर्ष लगाई थी वो भगवान परशुराम जी की मन्दिरों के गर्भगृह में विश्व की अष्ठ धातु की सबसे ऊँची मूर्ति है। अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम जी की मूर्ति स्थापना के एक वर्ष पूरा होने पर पाटोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। संध्याकाल हवन यज्ञ, तक भगवान परशुराम का अभिषेक कार्यक्रम।विशाल शोभा यात्रा ग्राम रूण्डल के सीताराम मन्दिर से 8.00 बजे शुरू होकर भगवान परशुराम जी मन्दिर जमदग्नि आश्रम लगभग 3 कि.मी. 1.00 बजे पहुंची। यात्रा में ब्राहम्णों के अलावा सर्व समाज के लोगों ने भाग लेंगे।
