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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी जी देशहित में कठोर निर्णय लेने में रहे सदैव अटल
– मुख्यमंत्री ने की ‘अटल लोकतंत्र उपवन’ एवं ‘अटल काव्य स्मारक’ की घोषणा
जयपुर, 25 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने सुशासन को जनता केंद्रित बनाने का काम किया। उन्होंने जनप्रतिनिधि को सेवा एवं समर्पण से जन उत्थान का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल जी एक युग, विचार और प्रेरणा थे तथा उनके व्यक्तित्व को राजनीति की सीमाएं बांध नहीं पाईं। वे हमेशा देशहित में कठोर निर्णय लेने में सदैव अटल रहते थे। पोकरण में परमाणु परीक्षण उनकी इसी दृढ़ता का प्रमाण है। पूरे विश्व के दबाव के बावजूद भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाया और विश्व पटल पर भारत की साख बुलंद की।
शर्मा गुरुवार को भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर मानसरोवर के सिटी पार्क में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल जी की जयंती के अवसर पर संगठन की ओर से हर विधानसभा में संगठन की ओर से आयोजित किए जाएंगे।
राजनीति जनसेवा का माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने अपने आचरण से यह सिद्ध कर दिया कि राजनीति केवल सत्ता का खेल नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है। वे सरलता, विनम्रता और मृदुभाषी स्वभाव से जन-जन के नेता थे।
शर्मा ने कहा कि 15 दिसंबर को हमारी सरकार के जनसेवा के दो वर्ष पूर्ण हुए हैं। दो साल पहले राजस्थान की जनता ने हमें सेवा करने का अवसर प्रदान किया। हमारी सरकार ने संकल्प पत्र के करीब 70 प्रतिशत वादे 2 वर्ष में पूरे किए हैं। 
सांगानेर मेरी कर्मभूमि, जनता का विश्वास हमारी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांगानेर मेरी कर्मभूमि है। यहाँ की जनता का विश्वास हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार है और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि सांगानेर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर है, जो हस्तकला, हाथ से बने कागज, ब्लू पॉटरी और छपाई कला के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। यहां के कारीगरों की कुशलता और मेहनत ने सांगानेर को एक अलग पहचान दी है। यहां के प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक स्मारक हमारी समृद्ध विरासत के प्रतीक हैं। सांगानेर विधानसभा में पिछले दो वर्षों में हमने विकास के अनेक कार्य किए गए है।
श्रद्धेय अटल जी कहलाए राजनीति में ‘अजातशत्रु’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में जहां हर कोई किसी न किसी का विरोधी होता है, वहां अटल जी ऐसे व्यक्ति थे जिनका कोई व्यक्तिगत शत्रु नहीं था। विपक्ष के नेता भी उनका सम्मान करते थे। उनकी महानता यही थी कि वे विचारों के स्तर पर कठोर विरोध करते थे लेकिन व्यक्तिगत संबंधों में सदैव मधुर रहते थे। इसीलिए अटल जी को ‘अजातशत्रु’ कहा जाता था। श्रद्धेय अटल जी संवेदनशील कवि भी थे, जिनकी कविताएं राष्ट्रप्रेम, मानवीय संवेदना और जीवन दर्शन से ओतप्रोत थीं।
मुख्यमंत्री ने अटल जी की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘आओ फिर से दिया जलाएं, भरी दुपहरी में अंधियारा, सूरज परछाईं से हारा, अंतरतम का नेह निचोड़ें, बुझी हुई बाती सुलगाएं। आओ फिर से दिया जलाएं।’
सिटी पार्क में बनेगा ‘अटल काव्य स्मारक’
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के मानसरोवर स्थित सिटी पार्क में ‘अटल काव्य स्मारक’ के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से ई-लाइब्रेरी एवं पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध करवायी जाएगी। साथ ही, उन्होंने जयपुर में ‘अटल लोकतंत्र उपवन’ बनाए जाने की भी घोषणा की। इस हेतु उन्होंने 30 करोड़ रुपये के बजट आवंटन की घोषणा की।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद मदन राठौड ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी ने संगठन को मजबूत करने का काम किया। प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने ग्राम सड़क योजना से लेकर स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना को साकार रूप प्रदान किया। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आमजन को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की डबल इंजन की सरकार विकास को नई दिशा प्रदान कर रही है।
इस अवसर पर सांसद मंजू शर्मा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, महामंत्री श्रवण बगड़ी, कैलाश मेघवाल, भूपेन्द्र सैनी, नारायण मीणा सहित अन्य पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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