Home rajasthan डॉ चंदन ने डॉ.छाया वर्मा से किया बगैर दहेज विवाह

डॉ चंदन ने डॉ.छाया वर्मा से किया बगैर दहेज विवाह

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जयपुर। इन दिनों सभी समाजों में से प्रोफेशन में शादियां करने का चलन बढ़ा है। डॉक्टर है तो डॉक्टर लड़की से ही शादी करेंगे, मास्टर है तो मास्टर से ही विवाह करेंगे और साथ में लंबा चौड़ा दहेज भी लेंगे ।जिसकी जितनी बड़ी नौकरी उसका उतनी ही बड़ी दहेज की मांग । लेकिन इस बीच एक अच्छी खबर जयपुर से जहां जयपुर नगर निगम में अध्यक्ष रहे रामनिवास जोनवाल ने अपने डॉक्टर बेटे चंदन सिंह का विवाह डॉ. छाया वर्मा के साथ बगैर किसी दहेज लिए कर एक बड़ा संदेश दिया है। अन्य समाजों की तरह ही बैरवा समाज में भी इस समय दहेज का दानव मुंह फाड़े खड़ा है और लोग अपनी बच्चियों को पढ़ा लिखा कर योग्य बनाने के बावजूद भी दहेज लोबियों के आगे बेबस और लाचार नजर आते हैं। ऐसे में रामनिवास जोनवाल और उनकी धर्मपत्नी अनीता जोनवाल ने बड़ा दिल रखते हुए अपने डॉ.बेटे की शादी में मात्र ₹1 लिया और शादी संपन्न कर दहेज लोबियों को करारा जवाब दिया है।

ऐसा नहीं की रामनिवास जोनवाल को उनके डॉ.बेटे से विवाह के लिए कई रिश्ते आए होंगे, जिन्होंने दहेज देने का भी प्रस्ताव रखा होगा । लेकिन उन्होंने डॉक्टर बेटे के लिए डॉक्टर बहू का चयन किया और डॉक्टर बहू का चयन करने के बाद उन्होंने किसी भी तरह का दहेज नहीं लेकर समाज में एक संदेश दिया। डॉक्टर छाया वर्मा मलाना डूंगर निवासी कांता वर्मा और राज वर्मा की पुत्री है ।इन दोनों ने भी इस पहल पर रामनिवास जोनवाल और उनके परिवार का आभार व्यक्त किया। कहा कि इस तरह की पहल करने से समाज के कमजोर आय वर्ग के लोगों को संबल मिलता है और खास तौर पर जिनकी बेटियों हो उन्हें तो बड़ी राहत मिलती है। क्योंकि बेटी को पढ़ा लिखा कर योग्य बनाना भी अपने आप में बड़ी बात होती है ।जब आपको डॉक्टर बहू मिल रही है तो वही लाखों रुपया आपके जीवन भर कमा कर देगी, ऐसे में यदि विवाह के समय भी उसके माता-पिता पर दहेज के नाम पर भार डाला जाता है ,तो कहीं-कहीं परिवार टूट जाता है। ऐसी स्थिति में कई परिवारों के लिए परेशानी बढ़ जाती है। लेकिन रामनिवास जोनवाल और उनके परिवार ने एक उदाहरण पेश किया है ।जिससे समाज के दूसरे लोगों को भी सबक मिलेगा और लोग दहेज रूपी जो दानव लगातार बढ़ रहा है वह कमजोर होगा । नौकरी लगने के साथ ही लड़के के परिजन जिस तरह दहेज की उम्मीद कर बैठते हैं उन पर भी लगाम लगेगी। अगर इस विवाह से कुछ लोगों को भी सबक मिलता है तो यह अच्छी पहल के तौर पर देखा जाना चाहिए ।बगैर दहेज विवाह करने पर बैरवा समाज के लोगों ने रामनिवास जोनवाल और वधू पक्ष के लोगों को वर -वधु आशीर्वाद दिया दिया और उनकी बुरी बुरी प्रशंसा की सबसे खास बातें की विवाह पर बारातियों को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का चांदी का सिक्का देखकर विदाई दी गई और बाबा साहब की प्रतिमा के सामने ही वर वधू ने आशीर्वाद लिया।

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