181 मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने के बावजूद नहीं मिलने आ
नागौर । नागौर के रियाबाडी इलाके ग्राम मेडास ,तहसील रियांबाड़ी निवासी किसान रामदेव सैन ने पड़ोसी किसान परिवार पर जबरन खेत में से रास्ता निकलने को लेकर राजस्थान संपर्क पोर्टल 181 पर शिकायत दर्ज कराई है। 70 वर्षीय रामदेव सैन को इस बात का डर है कि पड़ोसी किसान जोगीराम जाट और अन्य खातेदारों ने उसकी खेत की जमीन में से जबरन रास्ता भी निकाल लिया और शिकायत करने पर अब जान से मारने की धमकी भी देते हैं । जिसके चलते रामदेव सैन और उनका परिवार गांव छोड़ने को मजबूर है। सैन ने बताया कि उनकी मेडास के राजस्व ग्राम में खसरा संख्या 798/ 294 में खेत है । जिस पर जोगीराम जाट पुत्र अर्जुन राम जाट ने खेत के बीच से ही रास्ता निकाल लिया । सैन ने बताया कि जोगीराम जाट जिसका खेत खसरा संख्या 310 में है, जो मेरे खेत के बीच में से जबरन रास्ता निकाल रहा है। मेरे खेत के बीच में से रास्ता निकालने का जोगीराम जाट को कोई अधिकार नहीं है। लेकिन वह जागरण मेरे खेत में से रास्ता निकल रहा है । जबकि जोगीराम जाट का अपने खेत में जाने का रास्ता खसरा संख्या 325 गैर मुमकिन रास्ते में से है ।लेकिन अब जबरन मेरी खसरा संख्या 798 /294 से रास्ता निकाल रहा है । जिसे रोकने पर उन्होंने मारने पीटने की भी धमकी दी है।
राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 की धारा 251 ए रास्ता प्रदान करने हेतु है ,जिसका मुख्य उद्देश्य आवश्यकता वाले कास्तकार को राहत प्रदान करने के लिए रास्ता देने के लिए है । इस धारा में काश्तकार को राहत मिलती है । जिसका अपने खेत में पहुंचने का कोई अन्य रास्ता नहीं होने पर पड़ोसी को रास्ता दिया जा सकता है । लेकिन पड़ौसी जोगीराम जाट का रास्ता अपने खेत में पहुंचने का कचरा संख्या 335 गैर मुमकिन रास्ते में पहले से ही मौजूद है । लेकिन अब जोगीराम जाट एवं अन्य सह खातेदार मेरे खेत से रास्ता निकाल रहे हैं, जिन्हें पाबंद कर मुझे वह मेरे परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए ।पीड़ित किसान रामदेव सैन ने रिया बड़ी थाने के साथ-साथ मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी 8 जून 2021 में तहसीलदार को शिकायत की थी। रामदेव ने मुख्यमंत्री को भेजे गए ईमेल पर राजस्थान संपर्क पोर्टल के परिवाद 06210 781092424 में इसकी शिकायत 8 जून 2021 को की थी। इसके बाद तहसीलदार ने इस प्रकरण में बताया कि परिवार की पटवारी हल्का मिडास की जांच रिपोर्ट के अनुसार मौके पर जमीन निजी खातेदार की भूमि है जिसकी सुरक्षा के लिए सक्षम न्यायालय अथवा पुलिस विभाग से लेवे । इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित रामदेव सेन को किसी तरह की राहत नहीं दी गई और इस दौरान पड़ोसी जोगीराम जाट और उनके परिवार ने पीड़ित के खेत से रास्ता निकाल लिया जिससे पीड़ित के खातेदारी की जमीन पर उनका कब्जा हो गया और अब पीड़ित परिवार को खेती किसानी करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएम के निर्देश पर तहसीलदार को स्पष्ट निर्देश है कि वह पीड़ित किसान को राहत दिलाए और खेत की जमीन से किसी तरह का रास्ता निकालने से रोके। नहीं तो प्रशासन ने आरोपी किसान और उनके सहयोगियों को खेत में जबरन कब्जा कर रास्ता निकालने से रोका और ना ,हीं पीड़ित परिवार को राहत दी गई । ऐसे में पीड़ित किसानों को मजबूरन अपने खेत को कब्जा मुक्त करने के लिए डर-डर की ठोकने खाने पर मजबूर होना पड़ रहा है । अब पीड़ित किसान ने पंचायत राज विभाग, पुलिस मुख्यालय में भी न्याय की गुहार लगाई है।
