खनन माफिया और प्रशासन की गलती से आएगी घग्गर नदी में बाढ़ ?

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हनुमानगढ़, रावतसर ।(जगत जोशी ब्यूरो चीफ) इलाके में अफसरों और खनन माफिया की दुरभिसंधि पर उठने वाले सवाल अब पीलीबंगा में और गहरे हो गए हैं. घग्गर नदी के पुल के पास एवं पीलीबंगा रावतसर फाटक के पास जंभेश्वर कॉलोनी के पास में ही सरेआम दिन रात अवैध खनन का कारोबार चल रहा है। खनन माफिया दिनदहाड़े प्रशासन की आंखों के सामने ट्रैक्टर ,डंपर ,ट्रक इत्यादि में मिट्टी लोड कर ईंट ,भट्टो पर मिट्टी डाल रहे । ऐसा नहीं है कि पीलीबंगा प्रशासन को इसकी भनक नहीं है लेकिन उन्हें भी पिछले एक माह से चालू यह अवैध मिट्टी खनन अभी तक नहीं दिखा।

प्रशासन क्यों बैठा है आंखें मूंदकर

पीलीबंगा में सभी अफसर आंखें मूंदे हुए हैं और स्थानीय पुलिस व परिवहन विभाग एवं खनन विभाग के भी कान बंद हैं। नतीजतन खनन माफिया इतना बेखौफ हो गया है कि जिला प्रशासन की नाक के नीचे घघर नदी का सीना छलनी करने लगा है.। अब सबसे बड़ा सवाल तो यही है ❓कि जब बारिश का पानी घग्गर नदी में आया तो ❓जब बाढ़ के हालात हो गए तो ❓इस का जिम्मेदार खनन माफिया और जिला प्रशासन ही होगा❓ क्योंकि बाढ़ के हालात तो अपने आप ही होंगे क्योंकि खनन माफिया ने नदी का स्वरूप जो बिगाड़ डाला। वही खनन माफिया द्वारा बड़ोपल घग्गर बेल्ट में भी यही हालत कर दिए गए हैं।


क्या अब भी जिला प्रशासन की आंखें नहीं खुलेगी

आखिर ऐसा कौन सा दबाव जिला प्रशासन पर है जो खनन माफिया के ऊपर कारवाई करने में हाथ कांपते हैं । एक तरफ राजस्थान सरकार ने खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई के आदेश भी जारी कर रखे हैं। लेकिन हनुमानगढ़ जिले में यह सभी आदेश हवा हवाई आखिर क्यों साबित हो रहे हैं । लगातार 1 महीने से समाचार पत्रों की सुर्खियां बन रहे घग्गर नदी की पुकार आखिर क्यों नहीं सुनाई दे रही है।
पीलीबंगा के निकटतम कालीबंगा व पीलीबंगा गाँव के पास नदी का अस्तित्व खतरे में आ गया। अब समझने वाली है बात है कि आखिर इसमें जिले के अधिकारियों का हाथ है या फिर किसी सताधारी सफेदपोश का❓

खनन माफिया से से क्यों डरती है सरकार है
आखिर खाना माफियाओं को किसी डर क्यों नहीं है यहां रहने वालों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है क्योंकि नदी लुप्त होती जा रही है जिसे सैकड़ो एकड़ भूमि है असंचित हो जाएगी यहां के लोग इन खनन माफिया के दबंगई की वजह से कोई आवाज नहीं उठाते है सरकार का अवैध खनन रोकने का सपना – सपना हो जाएगा। राजस्थान सरकार के सख्त आदेश को दरकिनार कर जेसीबी व पोकलेन मशीनों से नदी की जल धारा को बाधित कर प्रभावित कर बेख़ौफ़ मिट्टी खनन माफीया अपनी मनमानी कर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं जबकि राज्य सरकार ने अवैध खनन को लेकर अपना कड़ा रुख अपनाया हुआ है। यातायात पुलिस प्रशासन द्वारा दिन भर सड़क पर दो पहिया वाहनों का चालान एवं सीज करने की कार्यवाही को अंजाम दिया जाता है लेकिन इन ओवरलोड ट्रक डंपर एवं ट्रैक्टरों पर कार्रवाई करने की कोशिश नहीं की जाती आखिर क्यों ❓

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