Home rajasthan कुमावत समाज ने भरी हुंकार, ओबीसी आरक्षण बढ़ाने और शिल्पकार बोर्ड के...

कुमावत समाज ने भरी हुंकार, ओबीसी आरक्षण बढ़ाने और शिल्पकार बोर्ड के गठन की मांग

0

जयपुर। जाट, राजपूत और ब्राह्मणों के बाद अब जयपुर में कुमावत समाज ने भी बड़ी रैली करके हुंकार भरी है । जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में आयोजित कुमावत महापंचायत में प्रदेशभर की कुमावत बंधुओं ने बगैर किसी राजनीतिक मतभेद के बढ़ चढ़कर भाग लिया। महापंचायत को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी संबोधित किया। बिरला ने कहा कि हस्तशिल्प का काम कुमावत समाज के नाम रहा है ।देश में सभी बड़े धार्मिक स्थल हो, यह राजा, महाराजाओं , मुगलों के महल हो सभी के निर्माण में कुमावत समाज का योगदान रहा है । कुमावत समाज सबको साथ लेकर चलने की कुब्बत रखता है। समाज की राजनीति को बढ़ाने का काम करती है। लेकिन कुमावत समाज आज भी देश में सामाजिक आर्थिक स्थिति से काफी पिछड़ा हुआ है ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी है कि कुमावत समाज के विकास में सभी मिलकर सहयोग करें।

ओबीसी आरक्षण 27 फीसदी करने की मांग

कुमावत महापंचायत में कुमावत समाज के लोगों ने केंद्र और राजस्थान सरकार से ओबीसी आरक्षण का कोटा 21 से बढ़ाकर 27 फ़ीसदी करने की मांग की कुमावत समाज के लोगों का कहना था कि ओबीसी वर्ग में लगभग 85 जाति आती है और इनकी आबादी 27 फ़ीसदी से भी ज्यादा है जबकि आरक्षण की स्पीच दे दिया जा रहा है यह सामाजिक अन्याय की श्रेणी में आता है अतः केंद्र और राज्य सरकार ओबीसी आरक्षण का कोटा 21 मई से बढ़ाकर 27 फीसदी करे। जिससे आम लोगों को लाभ मिल सके।

शिल्प कल्याण बोर्ड कल्याण बोर्ड का गठन कुमावत समाज में मंच से राजस्थान सरकार से शिल्प कल्याण बोर्ड के गठन की मांग भी की है। कुमावत समाज ने काकी उनकी समाज का सीन ताला में बड़ा योगदान है दोनों की निर्माण से लेकर उनके डिजाइन उनके रंग रोगन उनके भक्ति चित्र तमाम कार्यों में मूर्तिकल क्षेत्र में भी कुमावत समाज का योगदान विशेष रहा है ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह सिर्फ कल्याण बोर्ड का गठन करें और उसमें कुमावत समाज को प्रतिनिधित्व दे।

कुमावत समाज सबको साथ लेकर साथ चलता

कुमावत समाज के लोगों का कहना है कि कुमावत समाज के लोग हमेशा सबको साथ लेकर चलते हैं ।सबका साथ सबका विकास में विश्वास करते हैं ।इसलिए कुमावत समाज का किसी भी दूसरे समाज या जाति धर्म के लोगों से वे वेर भाव नहीं है। राजस्थान और सरकार को भी चाहिए कि वह कुमावत समाज की भावनाओं की कदर करें और कुमावत समाज के लोगों को राजनीतिक भागीदारी दे।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version