
अरांई अजमेर। (उमेश शर्मा) अरांई से नौ किलोमीटर दूर कालानाडा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर बना हनुमान सागर मोडल तालाब टूटने की कगार पर था । इसमें भराव क्षमता से ज्यादा पानी आ चुका था । पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से तालाब टूटने का खतरा बढ़ गया था। पन्द्रह से बीस फीट गहरे हनुमान सागर के टूटने पर कालानाडा ग्राम सहित दो अन्य गावों पर खतरा मंडरा रहा था। जिस पर सोमवार को सरपंच देवकरण डुक्या अरांई थाने से एएसआई वृद्धि चन्द शर्मा सहित जाप्ता मौके पर पहुंचा। जहां हनुमान सागर की आवक को रोकने का प्रयास शुरू किया गया । हनुमान सागर में मासी नदी का पानी आता है। मासी नदी पर बनी एनीकट की ऊंचाई ज्यादा होने से हनुमान सागर में भराव क्षमता से ज्यादा पानी आ रहा है। प्रशासन ने मासी नदी पर बने एनीकट के नजदीक पाल को तोड कर रास्ता बनाने का प्रयास किया।

तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों ने भी मशक्कत की।- तहसीलदार हरिराम, बीडीओ प्रेम प्रकाश बावता सहित अन्य अधिकारियों ने भी ग्रामीणों से समझाइश के प्रयास किए थे परन्तु ग्रामीणों में आपसी सहमति नहीं बन सकी जिससे पानी की निकासी नहीं हो रही थी। आखिर सोमवार को सरपंच देवकरण डूक्या ने पुनः प्रशासनिक अधिकारियों से बात की और अरांई पुलिस थाने से एएसआई वृद्धि चंद मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश के प्रयास किया और काफी लम्बी बातचीत के बाद आपसी सहमति बनी और पानी की निकासी शुरू करवाई। तब जाकर पंचायत व प्रशासन ने राहत की सांस ली।
सरपंच संसाधन सहित मौके पर मौजूद–
ग्रामीणों की सूचना के बाद सरपंच देवकरण डुक्या जेसीबी मशीन लेकर हनुमान सागर तालाब पर मौके पर पहुंच कर तालाब का निरीक्षण किया एवं मासी नदी पर बने नाले को कटवाया नाला काटने से तालाब का जलस्तर घट रहा है। इससे पहले भी ग्राम पंचायत ने जेसीबी मशीन से हनुमान सागर तालाब की पाल पर ट्रैक्टरों से मिट्टी डलवाई गई थी। इसके बावजूद लगातार हो रही बारिश से तालाब का जलस्तर बढ़ रहा है।



















































