अनुसूचित जाति , जनजाति कर्मचारी महासंघ ने जालौर छात्र हत्याकांड के विरोध में निकाली रैली

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जयपुर। अनुसूचित जाति/ जनजाति संगठनों का अखिल भारतीय महासंघ द्वारा आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव, बाबा साहब भीम राव अंबेडकर को समर्पित व प्रदेश स्तरीय सम्मेलन के साथ जालोर प्रकरण के विरोध में रैली का आयोजन रामस्वरूप मीना जी प्रदेशाध्यक्ष के नेतृत्व में हुआ। , जिसमें मुख्य अतिथि – विजय सांपला (अध्यक्ष – अनुसूचित जाति आयोग भारत सरकार), अतिथि – पी आर मीना (राष्ट्रीय संरक्षक फैडरेशन), के. पी. चौधरी (राष्ट्रीय प्रधान महासचिव फैडरेशन), विकास मीना (मीन सेना प्रदेश महासचिव) आदि गणमान्य व कर्मचारी वर्ग के पदाधिकारी और सदस्य प्रदेश के अलग अलग जिलों से आज के आयोजन में उपस्थित हुए।

विजय सांपला ने जालौर में हुई छात्रा की मौत पर गहलोत सरकार को आड़े हाथ लिया कहा की आजादी के 75 साल बाद भी राजस्थान के कई गांव में दलित आदिवासियों के साथ इस तरह की घटनाएं होना शर्मनाक है। सरकार की लीपापोती पर भी सवाल उठाया । वहीं प्रदेश में लगातार बढ़ रहे दलित अत्याचारों को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। रामस्वरूप मीणा ने कहा कि राजस्थान के कई इलाकों में अभी भी दलित आदिवासियों के साथ भेदभाव किया जाता है । कभी घोड़ी पर चढ़ने पर पिटाई होती है ,तो कभी मूँछ रखने पर हत्या हो जाती है , तो कभी मटकी छूने पर एक मासूम की हत्या हो जाती है। यह तमाम घटनाएं संविधान विरोधी है और सरकार की इस में चुप्पी घातक है । मीणा ने सरकार से मृतक के परिजनों को ₹5000000 का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है। साथ ही प्रदेश में इस तरह की घटनाएं दोबारा नहीं हो इनको रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की सभी वक्ताओं ने हत्याकांड की निंदा की ।

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