Home latest अग्नीपथ और ईआरसीपी का मुद्दा किसान संसद में छाया रहा

अग्नीपथ और ईआरसीपी का मुद्दा किसान संसद में छाया रहा

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जयपुर । जयपुर के बिरला सभागार में आयोजित किसान संसद में अग्नीपथ और इआरसीपी का मुद्दा छाया रहा । प्रदेश के किसानों ने किसानों और युवाओं की समस्याओं पर चर्चा की। छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती पर आयोजित किसान संसद के मुख्य वक्ता किसान नेता राकेश टिकैत थे ।इस मौके पर राकेश टिकैत , मनजीत सिंह, जगबीर सिंह , अमरजीत सिंह मोरी, तेजवीर सिंह, राजा राम मील, के सी घूमरिया और कार्यक्रम संयोजक हिम्मत सिंह गुर्जर ने अपने विचार व्यक्त किए । किसान संसद में अग्नीपथ ,मजदूर कानून, एमएसपी,निजीकरण, ईस्टर्न कैनल प्रोजेक्ट ,नदिया जोड़ो परियोजना, शिक्षा नीति ,जल जंगल जमीन ,संविधान बचाओ, ग्राम स्वरोजगार ,बेरोजगारी और महंगाई पर चर्चा की गई । सभी नेताओं ने अपने अपनी बात रखें। इस पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कुछ मुद्दे राजस्थान के हैं,जिन्हें राजस्थान सरकार को हल करना है ।और बहुत सारे मुद्दे केंद्र सरकार के लेवल के हैं, जिन्हें केंद्र सरकार को हल करना है। टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार को अग्निपथ योजना को वापस लेना चाहिए और सेना की पूर्व की भांति ही भर्तियां निकालने चाहिए। यह युवाओं के साथ खिलवाड़ करने वाली है। उन्होंने कहा कि योजना युवाओं को 4 साल का अल्पकालीन रोजगार देकर उन्हें फिर बेरोजगारी में खड़ा करने की योजना है । इसीलिए इसे बंद करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने एमएसपी को लागू करने की मांग उठाई । जब तक एमएसपी लागू नहीं होगी किसान का भला होने वाला नहीं है । उन्होंने राजस्थान के लिए ईस्टर्न कैनल प्रोजेक्ट 13 जिलों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। इस पर राजनीति हो रही है। राजस्थान और केंद्र सरकार को चाहिए कि वह इसका समाधान करें और उस पर योजनाओं को लागू करें । किसान नेता राजाराम मील, के सी घुमरिया और किसान संसद के संयोजक हिम्मत सिंह गुर्जर ने भी विचार व्यक्त किए। गुर्जर ने कहा कि सरकारें झांसा देना बंद करें और गरीबों किसानों छात्रों और युवा वर्ग की मांगों की निराकरण करें। इस दौरान संविधान बचाओ ,ग्रामस्वराज, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई पर भी चिंता व्यक्त की गई ।जल, जंगल और जमीन का जो मूल अधिकार है उस पर विचार विमर्श किया गया।

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