लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकास और आदिवासी उत्थान के किए अनेक ऐलान
डूंगरपुर/जयपुर – राजस्थान दिवस के अवसर पर राजस्थानी जनजाति गौरव दिवस का आयोजन डूंगरपुर के बेणेश्वर धाम में किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की विकास यात्रा में जनजातीय समाज का योगदान अतुलनीय है। आदिवासी समाज ने वीर सपूत दिए हैं जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और उनके सहयोग के बिना प्रदेश का विकास अधूरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय कल्याण और रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा हस्तशिल्प कला के संवर्धन के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने बेणेश्वर धाम के सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया और बताया कि धाम का सौंदर्यीकरण किया जाएगा तथा डीपीआर तैयार की जा रही है।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनजातीय हस्तशिल्प जैसे पिथोरा चित्रकला, बांस की बुनाई, मिट्टी के बर्तन और लकड़ी की नक्काशी आदिवासी स्वाभिमान की अभिव्यक्ति हैं और राज्य सरकार इन कलाओं को प्रोत्साहित कर कलाकारों को उचित मूल्य दिलाने का प्रयास कर रही है।
जनजातीय उत्थान के लिए उठाए गए कदम:
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छात्रावासों में मैस भत्ता बढ़ाकर 3,250 रुपये प्रति माह किया गया।
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खेल अकादमी में मैस भत्ते में वृद्धि।
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10वीं एवं 12वीं में 80% से अधिक अंक पाने वाले छात्रों को प्रोत्साहन राशि।
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सीए/सीएस परीक्षा उत्तीर्ण जनजातीय विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि में वृद्धि।
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244 नए मां-बाड़ी केंद्रों की स्थापना।
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जनजाति किसानों को मुफ्त संकर मक्का बीज और मिनिकिट का वितरण।
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8 जिलों में 530 वन धन विकास केंद्रों से डेढ़ लाख से अधिक महिलाओं को लाभ।
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प्रदेश के जनजाति खिलाड़ियों ने एशियन लेक्रोस गेम्स और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वनों में निवास करने वाले जनजाति लोगों को व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पट्टे दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिससे वे सरकारी योजनाओं और ऋण का लाभ उठा सकेंगे। बेणेश्वर धाम में संगम एवं अबूदरा घाटों का निर्माण और वर्षभर जल उपलब्धता बनाए रखने के लिए एनिकट रिमॉडलिंग की जाएगी।
विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण:
मुख्यमंत्री ने बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर और सिरोही के 1,902 करोड़ रुपये के 326 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। लखपति दीदी सम्मान योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सांकेतिक चेक और टैबलेट प्रदान की गई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परिसर में आयोजित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया, लाभार्थियों से संवाद किया और बालिकाओं को स्कूटी वितरित की।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा, सहकारिता राज्य मंत्री गौतम दक, अध्यक्ष राजस्थान धरोहर प्राधिकरण ओंकार सिंह लखावत, सांसद चुन्नीलाल गरासिया, विधायक फूल सिंह मीणा सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनजातीय युवाओं के रोजगार, हस्तशिल्प कला और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया।