लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘आबूराज’ नाम का किया लोकार्पण, 74 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात
आबूराज/जयपुर। राजस्थान के प्रसिद्ध पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू को अब आधिकारिक रूप से ‘आबूराज’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को सिरोही जिले में आयोजित धन्यवाद सभा एवं संत समागम के दौरान ‘आबूराज’ नाम का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, जनभावनाओं और संत समाज की आस्था का सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश गुलामी के प्रतीकों से मुक्त होकर आत्मसम्मान और सांस्कृतिक गौरव की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ राजस्थान की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी प्रतिबद्ध है।
‘विरासत भी, विकास भी’ की सोच का प्रतीक है आबूराज
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘विरासत भी, विकास भी’ के मंत्र के अनुरूप आबूपर्वत का नाम पुनः ‘आबूराज’ किया गया है। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि देश में औपनिवेशिक मानसिकता से जुड़े कई प्रतीकों और नामों को बदला गया है। इसी कड़ी में भारतीय मूल्यों और गौरव से जुड़े नामों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सिरोही को 74 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सिरोही जिले में 74 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 41 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।
इनमें पुलिस प्रशासनिक भवन, उप स्वास्थ्य केंद्र, अटल प्रगति पथ, छात्रावास भवन, बस स्टैंड, कामकाजी महिला भवन और विभिन्न सड़क निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने 37.50 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 16 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 36.55 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 25 नए विकास कार्यों का शिलान्यास किया।
योग दिवस पर विशेष कार्यक्रम का होगा आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य विरासत है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को आबूराज में विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से योग को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
संत समाज ने जताया आभार
आबूराज नाम पुनर्स्थापित किए जाने पर संत समाज और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और आमजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम में पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, सांसद मदन राठौड़, सांसद लुम्बाराम चौधरी, विधायक समाराम तथा महंत प्रतापपुरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
