लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
निंबाहेड़ा, चित्तौड़। आज, गोगा नवमी के शुभ अवसर पर कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय, निंबाहेड़ा में लोकदेवता गोगाजी चौहान का जन्मोत्सव बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। जाहरवीर गोगाजी, चौहान वंश के एक प्रतापी राजा थे, जिनका जन्म राजस्थान के ददरेवा में हुआ था। उनके पिता का नाम जेवर सिंह चौहान और माता का नाम बाछल कंवर था।

इस पावन पर्व की शुरुआत चौहान सरकार के भक्तों ने गौशाला में गायों को चारा और लापसी खिलाकर की। यह कार्य गोगाजी के गो-वंश के प्रति प्रेम और उनके रक्षक के रूप में उनकी पहचान को दर्शाता है।
गोगाजी चौहान को विशेष रूप से सांपों के देवता और गो-वंश के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। वे गुरु गोरक्षनाथ के शिष्य थे, और उनकी शिक्षाओं का पालन करते थे।
गोगाजी के जन्म स्थल को ‘शीषम मेड़ी’ और उनके समाधि स्थल को ‘धुरमेड़ी’ के नाम से जाना जाता है। ये दोनों ही स्थान भक्तों के लिए आस्था के केंद्र हैं। कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम गोगाजी की वीरता, त्याग और सांप्रदायिक सौहार्द के संदेश को एक बार फिर से याद करने का एक मौका था।














































