लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान और हरियाणा के बीच हुए बहुप्रतीक्षित यमुना जल परियोजना समझौते को प्रदेश के जल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि यह केवल जल बंटवारे का समझौता नहीं, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों के उज्ज्वल भविष्य, जल सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि की मजबूत आधारशिला है।
नई दिल्ली स्थित जोधपुर हाउस में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 30 वर्षों से लंबित इस परियोजना का साकार होना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और केंद्र व राज्य सरकारों के बेहतर समन्वय का परिणाम है।
34,102 करोड़ रुपये की परियोजना से बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 34,102 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना विशेष रूप से शेखावाटी सहित राजस्थान के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों के लिए स्थायी समाधान लेकर आएगी। इसके तहत लाखों परिवारों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा, भूजल पर निर्भरता घटेगी और जल संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति देने के साथ कृषि, उद्योग, निवेश, पर्यटन और आधारभूत ढांचे के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जल सुरक्षा बनेगी विकास की नई ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ विजन में जल सुरक्षा को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार माना गया है। इसी दिशा में राजस्थान सरकार प्रत्येक नागरिक तक पर्याप्त एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पानी केवल जीवन का आधार नहीं, बल्कि कृषि, उद्योग, निवेश, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है।
उद्योग, कृषि और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री के अनुसार, परियोजना के पूरा होने के बाद प्रदेश में जल उपलब्धता बढ़ने से उद्योगों के लिए बेहतर माहौल बनेगा, नए निवेश आएंगे, कृषि और पशुपालन को मजबूती मिलेगी तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजस्थान की दीर्घकालिक जल नीति को मजबूती देने के साथ भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी जल सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों का जताया आभार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस ऐतिहासिक समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना और मजबूत हुई है।
उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सतत मार्गदर्शन और दोनों राज्यों के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करने के प्रयासों की सराहना की। साथ ही केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशासनिक सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया।
समयबद्ध क्रियान्वयन पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। परियोजना के प्रत्येक चरण की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि इसका लाभ जल्द से जल्द प्रदेश की जनता तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक जल परियोजना नहीं, बल्कि राजस्थान के भविष्य में किया गया ऐतिहासिक निवेश है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को जल-सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।