लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नॉर्थ ईस्ट छात्र संगठनों का विरोध, NHRC ने मांगी रिपोर्ट
देहरादून/अगरतला | उत्तराखंड में त्रिपुरा के एक छात्र की कथित हत्या के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया है। इस घटना को लेकर नॉर्थ ईस्ट के छात्र संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और दोषियों के खिलाफ तत्काल व सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड सरकार और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
क्या है मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, त्रिपुरा का रहने वाला एक छात्र उत्तराखंड में पढ़ाई के लिए रह रहा था। हाल ही में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों और छात्र संगठनों का आरोप है कि यह केवल हादसा नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर के छात्रों के खिलाफ हिंसा का मामला हो सकता है।
नॉर्थ ईस्ट छात्र संगठनों का विरोध
इस घटना के बाद नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स यूनियन और अन्य छात्र संगठनों ने कई राज्यों में प्रदर्शन किए। संगठनों का कहना है कि
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पूर्वोत्तर राज्यों से पढ़ाई के लिए बाहर जाने वाले छात्रों की सुरक्षा लगातार खतरे में है,
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इस तरह की घटनाएं भेदभाव और नस्लीय हिंसा की ओर इशारा करती हैं,
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दोषियों को कड़ी सजा देकर उदाहरण बनाया जाना चाहिए।
छात्र संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि पूर्वोत्तर छात्रों की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश और निगरानी तंत्र बनाया जाए।
NHRC का संज्ञान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मीडिया रिपोर्टों और शिकायतों के आधार पर इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने
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उत्तराखंड के मुख्य सचिव
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राज्य पुलिस महानिदेशक
से घटना की पूरी रिपोर्ट, जांच की स्थिति और पीड़ित परिवार को दी गई सहायता की जानकारी मांगी है। आयोग ने यह भी कहा है कि यदि मानवाधिकार उल्लंघन पाया गया, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
त्रिपुरा सरकार और परिजनों की प्रतिक्रिया
त्रिपुरा सरकार ने घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि वह उत्तराखंड सरकार के संपर्क में है और पीड़ित परिवार को पूरा न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
वहीं मृतक छात्र के परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
बढ़ती चिंता
पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में पूर्वोत्तर के छात्रों और लोगों पर हमलों के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है, ताकि छात्रों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे।
उत्तराखंड में त्रिपुरा के छात्र की मौत ने एक बार फिर पूर्वोत्तर के छात्रों की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और NHRC की कार्रवाई पर टिकी हैं।













































