लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (दुर्योधन मयंक)। उपखंड क्षेत्र के सुथड़ा स्थित श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र में जैन धर्म के बारहवें तीर्थंकर वासुपूज्य भगवान का जन्म-तप कल्याणक महामहोत्सव भव्य रूप से मनाया गया।
प्रबंध समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा और संतु जैन ने बताया कि वासुपूज्य भगवान का जन्म चंपापुरी (बिहार) के इक्ष्वाकु वंश में राजा वासुपूज्य और माता जया देवी के घर फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को हुआ था। वे आजीवन ब्रह्मचारी रहे और तपस्या के पश्चात ज्ञान प्राप्त किया। 72 लाख वर्ष की आयु में उन्होंने चंपापुरी में ही निर्वाण (मोक्ष) प्राप्त किया।
शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में मंगलाष्टक, नित्य अभिषेक और शांति धारा संपन्न की गई। मूलनायक शांतिधारा का संचालन कजोड़मल विनय कुमार जी सर्राफ (उनियारा) ने किया। वार्षिक शांतिधारा में रमेशचंद रौनक सर्राफ (जयपुर), वासुपूज्य भगवान पर तेजमल, घासीलाल, संतू कुमार खूंट वाले (उनियारा), पांडुशिला पर शांतिधारा कपुरचंद, अशोक कुमार खूंट वाले, गोपाललाल, ओमप्रकाश (शहर वाले), धर्मचंद, आशीष सर्राफ, नन्दलाल और आशीष मेहंदी वाले (उनियारा) ने भाग लिया।
इसके बाद देव शास्त्र पूजा, चौबीस भगवान की मूलनायक पूजा और वासुपूज्य भगवान की विशेष पूजा कर जन्म-तप कल्याणक महामहोत्सव मनाया गया।
भक्तामर संयोजक हुकुमचंद और नाथूलाल जैन बनेठा ने बताया कि शाम 6:00 बजे श्रेष्ठी परिवार और भक्तामर अनुष्ठान मंडल (उनियारा) द्वारा दीपार्चना सानंदपूर्ण रूप से संपन्न की गई।
