लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और हेल्थ इंडिकेटर्स सुधारने पर जोर
नागौर। (प्रदीप कुमार डागा) जिला कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर चंपालाल जीनगर ने की। इस दौरान जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य योजनाओं और लक्ष्यों पर विशेष फोकस
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने आयुष्मान भारत योजना, जननी सुरक्षा योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान, एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान और संपूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम सहित सभी स्वास्थ्य लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी चिकित्सा संस्थानों में विभागीय समन्वय और टीमवर्क के साथ कार्य करने पर भी जोर दिया, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य संकेतकों की समीक्षा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने जिले के स्वास्थ्य संकेतकों पर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, टीकाकरण कवरेज, संस्थागत प्रसव, टीबी नियंत्रण, एनीमिया जांच एवं उपचार जैसे प्रमुख स्वास्थ्य मापदंडों की स्थिति साझा की।
टीबी नियंत्रण पर विशेष निर्देश
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान पर विशेष जोर देते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर बलगम जांच की सुविधा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार और निक्षय पोर्टल पर डेटा अपडेट करने के साथ-साथ जिले में निक्षय मित्रों की संख्या बढ़ाने के लिए भी प्रभावी प्रयास करने का आह्वान किया।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में डॉ. महेश वर्मा, डॉ. शीशराम चौधरी, डॉ. आर.के. सारण, डॉ. श्रवण राव, डॉ. राजेश पाराशर, राजीव सोनी, डॉ. आर.के. अग्रवाल, साकिर खान, डॉ. चंद्र सिंह शेखावत, सुनील भादू, सादिक त्यागी सहित अन्य जिला एवं ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही उप जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
