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भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं – मदन दिलावर

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

जयपुर (रूपनारायण सांवरिया)। जयपुर स्थित इंदिरा गांधी पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान में बुधवार को आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय वनस्पतिक बीज बैंक कार्यशाला में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मंत्री दिलावर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में गोचर एवं औरण भूमि के विकास, घास-चारा उत्पादन और देशी वृक्षों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वनस्पतिक बीज बैंक स्थापित करने की घोषणा की थी। इसी क्रम में प्रदेश के 30 जिलों में 150 बीज बैंक स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्घाटन 22 अप्रैल 2025 को किया गया था।

मंत्री ने कहा कि कुछ बीज बैंक बेहतर कार्य कर रहे हैं, जबकि कई स्थानों पर अपेक्षित स्तर पर बीज संग्रहण नहीं हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय प्रजातियों के घास, चारा और देशी वृक्षों के बीजों का संग्रहण, संरक्षण और भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि चारागाह विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ें।

कार्यशाला में जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण निदेशक मोहम्मद जुनेद ने भी संबोधित किया, जबकि अतिरिक्त निदेशक मनोज कुमार ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए विकास अधिकारी और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

गौ माता आश्रय स्थल स्थापित किए जाएंगे

मंत्री दिलावर ने बताया कि निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य के 457 पंचायत समितियों की एक-एक ग्राम पंचायत में लगभग 20 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह विकास आधारित गौ माता आश्रय स्थल स्थापित किए जाएंगे।

इन आश्रय स्थलों पर जल संरक्षण संरचनाएं, पानी की पक्की खेल, सघन वृक्षारोपण, चारागाह विकास, चारा भंडारण और कंपोस्ट खाद उत्पादन जैसे कार्य किए जाएंगे। प्रत्येक आश्रय स्थल की अनुमानित लागत करीब 85 लाख रुपये होगी और इसके लिए कुल 388 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह योजना गौ संरक्षण के साथ-साथ जल संरक्षण, चारागाह विकास और जैविक खाद उपलब्धता को भी बढ़ावा देगी।

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