लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु व सामान्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में गैस आपूर्ति को लेकर आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एलपीजी गैस की उपलब्धता से लेकर वितरण तक पूरी व्यवस्था की सतत निगरानी और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। साथ ही नागरिक आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों के अवकाश भी निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि एलपीजी गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की जमाखोरी या कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिला कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
अफवाहों से बचने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैस आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों और भ्रामक जानकारी पर भी नजर रखी जाए। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन को गैस की उपलब्धता और आपूर्ति की आधिकारिक जानकारी समय-समय पर उपलब्ध करवाई जाएगी।
जरूरी संस्थानों में निर्बाध आपूर्ति
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े संस्थानों में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रखी जाए। इसके लिए राज्य व जिला स्तर पर संबंधित विभाग, ऑयल कंपनियों और गैस वितरकों के साथ समन्वय कर सिलेंडरों के स्टॉक और आपूर्ति की नियमित समीक्षा की जाए।
हेल्पलाइन नंबरों पर लें सहायता
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। किसी भी समस्या की स्थिति में लोग हेल्पलाइन नंबर 181 और 112 पर संपर्क कर सकते हैं।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि गैस की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी देने के लिए राज्य और जिला स्तर पर संयुक्त टीमों का गठन किया जा रहा है।
इस दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, उद्योग, पर्यटन, गृह, पशुपालन, परिवहन विभाग और ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
