लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)। उपखंड क्षेत्र स्थित श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा में जैन धर्म के छठे तीर्थंकर पदमप्रभु भगवान का गर्भ कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया।
तीर्थ प्रबंध समिति के सदस्य महावीर प्रसाद पराणा एवं गजानन्द बड़जात्या ने बताया कि पदमप्रभु भगवान जैन धर्म के छठे तीर्थंकर हैं। उन्होंने दीक्षा लेकर जैन धर्म का प्रचार-प्रसार किया तथा समस्त कर्मों का क्षय कर सिद्ध अवस्था को प्राप्त हुए, जिसे मोक्ष कहा जाता है। जैन मान्यताओं के अनुसार वे वर्तमान कालचक्र के छठे तीर्थंकर हैं और उनके उपदेश आज भी मानव जीवन के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
महोत्सव की शुरुआत मंगलाष्टक के साथ हुई, इसके पश्चात नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। बाद में देव-शास्त्र पूजा संपन्न हुई, जिसमें चौबीस तीर्थंकर भगवानों के मूलनायक पदमप्रभु भगवान एवं धर्मनाथ भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना कर ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया गया।
भक्तामर संयोजक नरेन्द्र जैन बनेठा एवं चेतन जैन सुथड़ा ने जानकारी दी कि सायं साढ़े छह बजे श्रद्धालुओं द्वारा भक्तामर दीपार्चना का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
