लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (दुर्योधन मयंक)। उपखंड क्षेत्र के श्री दिगंबर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।
प्रबंध समिति अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा और संतु जैन ने बताया कि भगवान महावीर का जन्म ईसा से 540 वर्ष पूर्व वैशाली के कुंडग्राम में राजा सिद्धार्थ और माता त्रिशला के यहां हुआ था। बचपन में उनका नाम वर्धमान था और 30 वर्ष की आयु में उन्होंने राज-पाट त्यागकर कठोर तपस्या के बाद केवल ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी।
विधि-विधान से हुए धार्मिक आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में मंगलाष्टक, अभिषेक एवं शांतिधारा से हुई। विभिन्न श्रद्धालु परिवारों द्वारा शांतिधारा कर पुण्य लाभ अर्जित किया गया। इसके बाद देव-शास्त्र-गुरु पूजा, चौबीस तीर्थंकरों की पूजा एवं भगवान महावीर की विशेष आराधना की गई।
सायंकाल दीपार्चना का आयोजन
भक्तामर मंडल के संयोजक हुकुमचंद एवं नरेंद्र जैन बनेठा ने बताया कि सायंकाल 7 बजे श्रेष्ठी परिवार एवं भक्तामर मंडल द्वारा भक्तामर दीपार्चना का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर महोत्सव को सफल बनाया।



















































