लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर । – पाली जिले की सुमेरपुर कृषि उपज मंडी एकमात्र ऐसी मंडी है, जहां डीएलसी (दुकान/लैंड रेट) दरें राज्य की प्रमुख 15 मंडियों से कहीं अधिक हैं। मंडी के बाहर की दरें मंडी परिसर की दरों से आधी होने के कारण व्यापारी क्रय-विक्रय रजिस्ट्री कराने की बजाय एग्रीमेंट के जरिए ही व्यापार कर रहे हैं, जिससे राज्य सरकार को पिछले 40 साल से पर्याप्त राजस्व नहीं मिल रहा।
मंत्री और मुख्यमंत्री की पहल
स्थानीय विधायक एवं पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के केबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने इस मामले को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संज्ञान में लाया। मुख्यमंत्री ने जल्द ही इसमें संशोधन कर सुमेरपुर मंडी की डीएलसी दर कम करने का आश्वासन दिया।
डीएलसी दरों का अंतर
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सुमेरपुर मंडी: 4776 रुपए प्रति वर्ग फीट
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बालोतरा: 621 रुपए
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बाड़मेर: 1750 रुपए
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भगत की कोठी: 3564 रुपए
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बिलाड़ा: 3765 रुपए
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जैसलमेर: 1990 रुपए
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जैतारण: 2376 रुपए
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जालोर: 2459 रुपए
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जोधपुर फल-सब्जी व अनाज मंडी: 3618 रुपए
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पाली: 3464 रुपए
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फलोदी: 2247 रुपए
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पीपाड़ शहर: 3564 रुपए
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रानी स्टेशन: 2710 रुपए
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सांचोर: 2491 रुपए
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सोजत रोड: 825 रुपए
मंडी परिसर के बाहर जवाई बांध रोड और व्यावसायिक मार्केट में डीएलसी दरें 2393 रुपए प्रति वर्ग फीट हैं, जो मंडी की दरों से लगभग आधी हैं।
अन्य व्यापारिक प्रोत्साहन
मंत्री श्री कुमावत ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि मंडी परिसर में अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की भी अनुमति दी जाए और दुकानों का रियायती दरों पर आवंटन किया जाए, ताकि व्यापारियों को प्रोत्साहन मिले।
कृषि उपज मंडी व्यापार संघ लंबे समय से डीएलसी दरें घटाने की मांग कर रहा है, जिसे मंडी समिति ने जिला कलेक्टर पाली को कई बार प्रस्ताव भेजकर संज्ञान में लाया है।
