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सूर्य महल मे हुआ श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का भव्य शुभारंभ

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

– सिद्वेश्वर महादेव से निकली भव्य विशाल कलश शोभायात्रा – पहले दिन कथा में बताया भागवत का महत्व

भगवान की कथा सृष्टि नहीं बदलती है, सृष्टि को देखने की दृष्टि बदल देती है : संत अर्जुनराम महाराज

भीलवाडा। (पंकज पोरवाल) शहर के शास्त्रीनगर स्थित सुर्य महल मे भक्ति और श्रद्धा के अद्भुत संगम का साक्षी बना। शास्त्रीनगर निवासी काबरा परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का भव्य शुभारंभ भव्य विशाल कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। मेन सेक्टर शास्त्री नगर स्थित सिद्वेश्वर महादेव मंदिर से कलश यात्रा निकली। अपने सिर पर सजे मंगल कलशों को धारण किए, महिलाएं भक्तिमय भजनों की मधुर धुनों पर थिरकती हुईं कथा स्थल की ओर आगे बढ़ीं। जो मुख्य मार्ग होते कथा स्थल सूर्य महल पहुंची। बेंड बाजो के साथ निकली शोभा यात्रा का जगह जगह पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। इस दिव्य यात्रा के दौरान वातावरण पूरी तरह से भक्ति और श्रद्धा के रस में डूबा हुआ था। श्रद्धालुओं द्वारा लगाए जा रहे भगवान कृष्ण के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो गया था। कथा के प्रारम्भ मे आयोजक परिवार के कैलाश चंद्र, सुरेश चंद्र, अशोक, सत्यनारायण, गोपाल, राधाकिशन, ललित, पवन, निर्मल, अमित, मयंक, रवि काबरा ने आरती की। कथावाचक रामस्नेही संत अर्जुनराम महाराज ने अपनी ओजस्वी वाणी से भागवत महात्म्य का सारगर्भित वर्णन किया। उन्होंने भागवत कथा के प्रथम दिन भागवत का महात्मा वर्णन करते हुए भगवान स्वरूप का परिचय, भगवान के कार्य का परिचय, एवं भगवान के स्वभाव का परिचय देते हुए कहा की मनुष्य का जीवन ही प्रतिक्षण परमात्मा से ही चल रहा है बिना भगवान के सहायता के आधेक्षण के लिए भी मानव जीवित नहीं रह सकता है। संत अर्जुनराम जी ने कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि यह न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि जीवन को सही दिशा और परम आनंद की ओर ले जाने का एक दिव्य मार्ग है। भगवान की कथा सृष्टि नहीं बदलती है, सृष्टि को देखने की दृष्टि बदल देती है। इसके साथ ही इसके अनगिनत लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। यह कथा प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी।

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