लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
उपखंड क्षेत्र के पलाई कस्बे स्थित चारभुजा नाथ मंदिर प्रांगण में सेवा समिति द्वारा आयोजित ग्यारह दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत ज्ञानयज्ञ कथा का गुरुवार को विधिवत समापन हुआ।
कथा का महत्व
कथावाचक पंडित राहुल परासर ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद् भागवत कथा श्रवण से प्राणी मात्र का कल्याण होता है। इससे भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और त्याग की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि भागवत कथा संसार सागर को पार करने वाली नौका है और कलियुग में हरि संकीर्तन से बढ़कर मुक्ति का कोई सरल साधन नहीं है।
पूर्णाहुति और हवन
समिति अध्यक्ष शेरसिंह सोलंकी ने बताया कि कथा की पूर्णाहुति पर प्रधान कुंड सहित अन्य हवन कुंडों की बोलियाँ लगाई गईं। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना हुई और यजमानों व पंचों ने हवन कुंडों में आहुतियाँ दीं। इस दौरान क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और अच्छी वर्षा की कामना की गई।
भव्य झांकी और प्रसादी
कथा समापन पर भगवान चारभुजा नाथ की भव्य झांकी सजाई गई। इसके बाद महाआरती कर प्रसादी का भोग लगाया गया। श्रद्धालुओं को पंगत में बैठाकर प्रसादी वितरित की गई। कार्यक्रम में ब्राह्मणों को कपड़े और नकद उपहार देकर सम्मानपूर्वक विदा किया गया।
उपस्थित जन
इस अवसर पर समिति अध्यक्ष शेरसिंह सोलंकी, मुकेश कुमार, कन्हैयालाल, जगदीश माली, पुजारी हरजीलाल वैष्णव, प्रकाश चंद धाकड़, लक्ष्मीनारायण प्रजापत, गोविंद राम, प्रहलाद जांगिड़, रामस्वरूप धाकड़, महावीर प्रसाद, राकेश जांगिड़, सियाराम प्रजापत, सुदामा मीना, लखपत धाबाई, दीपक गुर्जर सहित बड़ी संख्या में महिलाएं व श्रद्धालु मौजूद रहे।