लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
NH-116 पर दो घंटे चक्काजाम
उनियारा | दुर्योधन मयंक
टोंक जिले के उनियारा उपखंड के शिवराजपुरा गांव में शिक्षकों के तबादले के विरोध में बुधवार को विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और स्कूल के सामने से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-116 (NH-116) पर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे सैकड़ों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिक्षकों की कमी से नाराज हुए विद्यार्थी और अभिभावक
जानकारी के अनुसार, हाल ही में शिक्षा विभाग की तबादला प्रक्रिया के तहत विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित तीन वरिष्ठ शिक्षकों का अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया गया। पहले से ही शिक्षकों की कमी झेल रहे विद्यालय में एक साथ तीन शिक्षकों के तबादले से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि बोर्ड परीक्षाओं और नए शैक्षणिक सत्र के दौरान इस तरह के तबादलों से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। कई दिनों से वैकल्पिक शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की जा रही थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया।
स्कूल में तालाबंदी, हाईवे पर धरना
बुधवार सुबह विद्यालय खुलते ही विद्यार्थियों और अभिभावकों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-116 पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
करीब दो घंटे तक हाईवे जाम रहने से दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और सैकड़ों वाहन फंस गए।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
जाम की सूचना मिलते ही ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) सीताराम मीणा, उनियारा थाना पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) हेमराज तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कनखेड़िया पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से समझाइश कर जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण और विद्यार्थी तब तक नहीं माने, जब तक विद्यालय में नए शिक्षकों की नियुक्ति या प्रतिनियुक्ति (डेप्युटेशन) का आश्वासन नहीं मिला। सड़क पर करीब आधे घंटे तक वार्ता और समझाइश का दौर चलता रहा।
लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
आखिरकार सीबीईओ सीताराम मीणा ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि विद्यालय में एक-दो दिनों के भीतर अन्य स्कूलों से शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी तथा रिक्त पदों को भरने के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
लिखित आश्वासन मिलने के बाद विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर हाईवे से जाम हटाया। इसके बाद पुलिस ने यातायात को सुचारू कराया और फंसे हुए वाहनों को धीरे-धीरे रवाना किया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे इससे भी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।




















































