लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
स्टाफ अंदर बंद
14 दिन के आंदोलन और भारतमाला हाईवे जाम के बाद भी स्थायी समाधान नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर जड़ा ताला, शिक्षक रविंद्र कम्बोज का तबादला रद्द करने की मांग
रिपोर्ट: मनजीत सिंह, ब्यूरो चीफ श्रीगंगानगर
श्रीगंगानगर। जिले की श्रीकरणपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत 56F स्थित राजकीय विद्यालय में शिक्षक रविंद्र कम्बोज के तबादले को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया। कई दिनों से चल रहे विरोध के बाद शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और विद्यार्थी विद्यालय परिसर पहुंचे और मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। इस दौरान स्कूल में मौजूद शिक्षक और अन्य स्टाफ अंदर ही रह गया, जबकि ग्रामीण बाहर नारेबाजी करते रहे।
ग्रामीण शिक्षक रविंद्र कम्बोज का तबादला स्थायी रूप से रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि शिक्षक के स्थानांतरण से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होगी।
14 दिन के आंदोलन के बाद डेपुटेशन के आदेश
ग्रामीणों के अनुसार शिक्षक के तबादले के विरोध में करीब 14 दिनों तक आंदोलन किया गया था। इसके अलावा ग्रामीणों ने एक दिन सांकेतिक रूप से भारतमाला हाईवे-911 भी जाम किया था।
आंदोलन के बाद प्रशासन की ओर से शिक्षक रविंद्र कम्बोज को 31 जुलाई तक 56F विद्यालय में डेपुटेशन पर लगाने के आदेश जारी किए गए थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इससे शिक्षक का तबादला रद्द हो जाएगा। हालांकि, स्थायी रूप से स्थानांतरण रद्द नहीं होने पर ग्रामीणों में फिर से नाराजगी बढ़ गई।
सुबह स्कूल पहुंचे ग्रामीण, मुख्य गेट पर लगाया ताला
शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और विद्यार्थी विद्यालय परिसर पहुंचे। ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। इस दौरान विद्यालय में मौजूद शिक्षक और अन्य स्टाफ अंदर ही रह गए।
ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर जमकर नारेबाजी की और शिक्षक रविंद्र कम्बोज का तबादला तत्काल रद्द करने की मांग की। प्रदर्शन के चलते विद्यालय का सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ।
ग्रामीण बोले- शिक्षक का स्कूल में महत्वपूर्ण योगदान
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि रविंद्र कम्बोज के 56F विद्यालय में आने के बाद से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ गांव की शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक शिक्षक का बच्चों की शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में उनका तबादला होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक शिक्षक का तबादला आदेश स्थायी रूप से रद्द नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन के मौके पर नहीं पहुंचने से बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना के बावजूद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। आंदोलनकारियों से बातचीत नहीं होने के कारण स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल विद्यालय में तालाबंदी जारी है और ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
शिक्षा विभाग बोला- तबादला राज्य स्तरीय प्रक्रिया
वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक का स्थानांतरण राज्य स्तरीय प्रक्रिया के तहत हुआ है। विभाग की ओर से डेपुटेशन के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद ग्रामीण स्थायी रूप से तबादला रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
शिक्षक के तबादले को लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत के बाद ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
