लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गहलोत अपना वार्ड हार गए, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा पर गुस्सा हैं, लेकिन आरोप दूसरों पर लगा रहे हैं
कांग्रेस का निरंतर सिमट रहा जनाधार, पर इनके नेता लगे हैं अपने बेटों की लॉन्चिंग में
– मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
बीकानेर/जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि निकाय चुनाव में भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बौखला गए हैं। वे अपना वार्ड हार गए हैं और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा पर गुस्सा हैं, लेकिन अपनी हार का दोष दूसरों को दे रहे हैं। जबकि गहलोत को इस करारी हार का विश्लेषण करना चाहिए।
बीकानेर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि गहलोत के आरोपों की भाषा निरंतर बदल रही है जिसके कई कारण हैं। मैं जब रोड शो कर रहा हूं तो वो कहते हैं कि मुख्यमंत्री को रोड शो नहीं करना चाहिए। जब चुनाव हारते हैं तो पीसीसी चीफ से कहते हैं कि मुख्यमंत्री ने रोड शो किए तो पीसीसी को भी करने चाहिए। असल में उनके गुस्से का कारण पीसीसी चीफ हैं। वो इसलिए क्योंकि गहलोत अपना वार्ड भी हार गए हैं। कांग्रेस में इनकी आपस की लड़ाईयां हैं।
उन्होंने कहा कि गहलोत ने 2018 में बसपा के साथ क्या किया था वो सब जानते हैं। बेहतर है कि वे अपने गिरेबान में झांकें और दूसरों पर आरोप ना लगाएं। कांग्रेस का तो जनाधार लगातार सिमटता जा रहा है। आज यह कुछ ही राज्यों में शेष है और भविष्य में कहीं नहीं रहेगी। क्योंकि कांग्रेस के नेता तो अपने बेटों की लॉन्चिंग करने में लगे हैं। सोनिया गांधी तो राहुल गांधी की लगातार लॉन्चिंग कर रही हैं और गहलोत अपने बेटे की।
मुख्यमंत्री ने गहलोत से पूछा कि वे बताएं जब कांग्रेस सरकार का राज था तो उन्होंने एक निगम के दो टुकड़े क्यों किए। वे अब वार्डों पुनर्सीमांकन पर प्रश्न उठा रहे हैं लेकिन हमने तो वार्डों को नियम से ही बनाया है। ये वार्ड बने एक साल हो गया, उस समय तो उन्होंने कुछ नहीं कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निकाय चुनाव में मिला जनादेश राजस्थान की जनता का भाजपा के लिए प्रेम है। हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता का विश्वास और प्यार हमें आगे भी मिलता रहेगा। यह गहलोत साहब को पच नहीं रहा है। उन्हें आकलन करना चाहिए कि क्या-क्या कमी रहीं।