लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जांच के दौरान 17.93 करोड़ रुपए जमा या ITC रिवर्सल, अलग-अलग जिलों में हुई कार्रवाई
जयपुर।
राजस्थान में कर अपवंचना और संदिग्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) दावों के खिलाफ राज्य कर विभाग का अभियान लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में पांच प्रतिष्ठानों के खिलाफ सर्वे और जांच की कार्रवाई की। विभागीय जांच में इन मामलों में कुल 22.79 करोड़ रुपए की संभावित कर देयता सामने आई है।
कार्रवाई के बाद संबंधित करदाताओं की ओर से अब तक 17.93 करोड़ रुपए की राशि जमा अथवा ITC रिवर्स किया गया है। शेष संभावित देयता को लेकर विभाग की आगे की कार्रवाई जारी है।
भिवाड़ी में एंगस्ट्रॉम बायोटेक पर कार्रवाई
राज्य कर विभाग ने 18 सितंबर को M/s Angstrom Biotech Pvt. Ltd., भिवाड़ी में सर्वे किया। जांच के दौरान सामने आया कि प्रतिष्ठान ने ऐसे आपूर्तिकर्ता से की गई खरीद पर ITC का लाभ लिया, जिसका GST पंजीयन संबंधित खरीद की तारीख से पहले ही निरस्त हो चुका था।
मामले में विभाग ने 60 लाख रुपए की संभावित कर देयता चिन्हित की। इसके विरुद्ध करदाता ने 29.23 लाख रुपए की स्वैच्छिक जमा राशि जमा की है।
सरदारशहर में सेवाड़ा ट्रेडिंग कंपनी की जांच
Sevada Trading Company, सरदारशहर (चूरू) के वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के रिकॉर्ड की जांच में अतिरिक्त ITC का दावा किए जाने का मामला सामने आया।
जांच में 54.14 लाख रुपए की संभावित कर देयता चिन्हित की गई। इसमें CGST और SGST की राशि 27.07-27.07 लाख रुपए है। इसके विरुद्ध करदाता की ओर से 10 लाख रुपए की स्वैच्छिक जमा राशि की गई है।
जोधपुर में K P Infra पर कार्रवाई
विभाग ने 21 सितंबर को M/s K P Infra, जोधपुर का निरीक्षण किया। जांच में करीब 2.76 करोड़ रुपए के GST TDS की रिपोर्टिंग सामने आई, जबकि करदाता की ओर से फरवरी 2026 के बाद GSTR-3B रिटर्न दाखिल नहीं किए गए थे।
मामले में 40 लाख रुपए की संभावित कर देयता निर्धारित की गई है। विभाग के अनुसार करदाता ने आगामी 2-3 कार्य दिवसों में देय राशि जमा करने की जानकारी दी है।
बाड़मेर में मा सांभरा आशापुरा एंटरप्राइजेज की जांच
MA Sambhara Ashapura Enterprises, बाड़मेर के खिलाफ 19 सितंबर को सर्वे किया गया। वाहन किराया और आवासीय सेवाओं से जुड़े इस प्रतिष्ठान की जांच में अब-इनिशियो कैंसिल और कैंसिल GST पंजीयन वाले करदाताओं से ITC का दावा एवं उपयोग किए जाने का मामला सामने आया।
जांच में CGST/RGST प्रावधानों के उल्लंघन से संबंधित 24.61 लाख रुपए की संभावित कर देयता चिन्हित की गई। इसके विरुद्ध करदाता ने 8.19 लाख रुपए जमा किए हैं।
जैसलमेर में CGE II Hybrid Energy पर सबसे बड़ी कार्रवाई
जांच में सबसे बड़ी संभावित कर देयता जैसलमेर की M/s CGE II Hybrid Energy Pvt. Ltd. के मामले में सामने आई। कंपनी सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत है। विभाग ने 18 सितंबर को कंपनी का सर्वे किया।
जांच के दौरान पूर्व वित्तीय वर्षों से संबंधित IGST ITC के रिवर्सल में अनियमितता सामने आई। विभाग ने मामले में 21 करोड़ रुपए की संभावित कर देयता चिन्हित की।
कार्रवाई के बाद कंपनी ने पूर्व अवधि से संबंधित 16.72 करोड़ रुपए का IGST ITC रिवर्स किया है।
22.79 करोड़ की संभावित देयता, 17.93 करोड़ की कार्रवाई
राज्य कर विभाग की इन पांच कार्रवाइयों में कुल 22.79 करोड़ रुपए की संभावित कर देयता सामने आई है। विभाग के अनुसार अब तक 17.93 करोड़ रुपए जमा अथवा ITC रिवर्स किया जा चुका है। शेष देयता के संबंध में विभागीय प्रक्रिया आगे जारी है।
विभाग का यह अभियान संदिग्ध ITC दावों, कर अपवंचना और GST प्रावधानों के उल्लंघन के मामलों की जांच पर केंद्रित है।
