लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
झालावाड़, गंगधार। सर्व पितृ अमावस्या के अवसर पर गंगधार उपखंड क्षेत्र में 16 दिनों तक चले श्राद्ध पक्ष का समापन हुआ। गोधूलि बेला में गंगधार कस्बे स्थित छोटी कालीसिंध नदी के तट पर बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं और दीपदान किया।
धार्मिक मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में नदी या तालाब के किनारे दीप प्रज्वलित करने से पितरों को पितृलोक लौटते समय राह में रोशनी मिलती है। जहां नदी या तालाब उपलब्ध न हो, वहां घर के बाहर मिट्टी के दीपक में सरसों का तेल और बत्ती लगाकर मुख्य द्वार के दाहिनी ओर दीप रखने की परंपरा निभाई जाती है।
इसी परंपरा के तहत महिलाओं ने नदी किनारे दीपदान कर पितरों से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं, 16 दिनों से चल रहे पारंपरिक लोकदेवी संजा माता के अनुष्ठान का भी बालिकाओं ने विधिविधान से समापन कर संजा माता को विदा किया।
