लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
डीग/जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सनातन संस्कृति में गौ माता का विशेष महत्व है और उन्हें देवत्व का प्रतीक माना गया है। राज्य सरकार ने गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री रविवार को डीग जिले के गुहाना स्थित श्री जड़खोर गौ-धाम में आयोजित श्री कृष्ण बलराम गौ-आराधन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पंजीकृत गौशालाओं के लिए अनुदान बढ़ाकर प्रति गाय 50 रुपये प्रतिदिन और छोटे बछड़ों के लिए 25 रुपये प्रतिदिन किया है।
उन्होंने कहा कि बजट वर्ष 2025-26 में लघु एवं सीमांत किसानों को बैलों से खेती करने पर 30 हजार रुपये प्रतिवर्ष प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान भी किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प से हो रहा सनातन संस्कृति का उत्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प से देशभर में सनातन संस्कृति का उत्थान हो रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल कॉरिडोर हमारी विरासत को मजबूती दे रहे हैं। इसी क्रम में राज्य सरकार ने खाटूश्याम जी मंदिर, पूंछरी का लौठा सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बजट में प्रावधान किए हैं। साथ ही श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को श्रीकृष्ण गमन पथ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात स्वरूप
शर्मा ने कहा कि हमारी संस्कृति को आगे बढ़ाने में संतों-महंतों का विशेष योगदान है। श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात स्वरूप है, जिसके श्रवण से जीवन में सुख, शांति और संतोष प्राप्त होता है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी लोग संस्कृति संरक्षण और गौ सेवा का संकल्प लें।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने जड़खोर गोष्ठ बिहारी मंदिर में सपत्नीक दर्शन किए और कामधेनु गोशाला में गौ-पूजन कर गाय को गुड़ व हरा चारा खिलाया। उन्होंने परम पूज्य स्वामी राजेन्द्रदास देवाचार्यजी महाराज के श्रीमुख से भागवत कथा का श्रवण भी किया।
इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, विधायक नौक्षम चौधरी, साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।













































