बारिश शुरू होने के साथ सब्जियों के भाव बढ़ गए हैं।
सुनील निगम की रिपोर्ट
डग झालावाड़ । बरसात के चलते अब आम आदमी की रसोई की सब्जियां महंगी हो गई है, कारण बरसात के चलते सब्जियां खराब हो जाती है। नई सब्जियां आने में 1 से 2 महीने का समय लगता है। रसोई की आम सब्जियां हरी मिर्च, लौकी, तरोई, भिंडी , कद्दू , गिलकी , टमाटर , गोभी , पत्तागोभी , शिमला मिर्च , रामफली , अरवी , सुरजना की फली , हरा धनिया आदि आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं।
मंडी से बाहर निकलने के बाद कस्बो के सब्जी बाजारो मे फुटकर सब्जी मंडी तक पहुंचते ही इनके भाव दोगुने- तिगुने हो गए हैं।
थोक मंडी में ज्यादातर सब्जियों के भाव में 10 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन फुटकर में 20 से 50 रुपये तक की वृद्धि हो गई है। पिछले कई महीने तक काबू में चल रहे टमाटर के भाव में भी काफी उछाल आ गया है। वहीं एक सप्ताह पहले तक 70-80 रुपये तक बिकने वाली रामफली के भाव 160 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। इसका असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
इन सब्जियों के थोक और फुटकर भाव में दोगुना अंतर।
सब्जी
मंडी में थोक भाव प्रति किलो
फुटकर भाव प्रति किलो
सुरजना की फली
35 रू थोक रेट
160 रू खुली बिक्री
चवला की फली
25 रू
70 रू
तोरई
15 रुपये
60 रुपये
हरी मिर्च
60 रुपये
120 रुपये
लौकी
15 रुपये
60 रुपये
भिंडी
20 रुपये
80 रुपये
खीरा
15 रुपये
40 रुपये
इन सब्जियों के दाम में भी आया उछाल
प्याज
15 रुपये
30रुपये
परवल
40 रुपये
60 रुपये
करेला
40 रुपये
70 रुपये
टमाटर
20_25 थोक रेट
80-100 प्रति किलो खुली बिक्री
सब्जियां लोकल किसानों के माध्यम से मंडी आ रही हैं। बारिश से फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे आवक कम हुई है। थोक के भाव में सब्जियों के भाव में 20 रुपये प्रति किलो की दर तक वृद्धि हुई है।













































