लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
द हेग (नीदरलैंड्स): रूस-यूक्रेन युद्ध में हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय क़दम उठाया गया है। यूक्रेन और 34 अन्य देशों ने मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय क्षति-मुआवज़ा आयोग (International Claims Commission for Ukraine) की स्थापना को औपचारिक मंज़ूरी दे दी है। इस समझौते पर नीदरलैंड्स के द हेग शहर में हस्ताक्षर किए गए।
इस आयोग का उद्देश्य रूस के फरवरी 2022 में शुरू किए गए पूर्ण पैमाने के आक्रमण के कारण यूक्रेन, उसके नागरिकों, व्यवसायों और सरकारी संस्थानों को हुए नुकसान का आकलन करना और मुआवज़े की राशि तय करना है।
आयोग का काम क्या होगा?
नया अंतरराष्ट्रीय आयोग:
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युद्ध के कारण घरों, इमारतों, बुनियादी ढांचे, व्यवसायों और व्यक्तिगत संपत्ति को हुए नुकसान की जांच करेगा
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यूक्रेनी नागरिकों, कंपनियों और सरकार द्वारा दायर दावों की पुष्टि और मूल्यांकन करेगा
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हर दावे के लिए मुआवज़े की राशि तय करेगा
हालांकि, यह आयोग फिलहाल सीधे भुगतान नहीं करेगा। मुआवज़े के भुगतान के लिए एक अलग वित्तीय व्यवस्था बनाई जाएगी, जिस पर अभी बातचीत जारी है।
फंडिंग सबसे बड़ी चुनौती
इस पहल की सबसे बड़ी चुनौती मुआवज़े के लिए धन का स्रोत है।
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कई देश विदेशों में ज़ब्त रूसी संपत्तियों (Frozen Russian Assets) का उपयोग करने के पक्ष में हैं
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हालांकि, इस पर अभी कोई अंतिम अंतरराष्ट्रीय सहमति नहीं बनी है
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रूस ने इस प्रक्रिया को मान्यता नहीं दी है और उसने किसी भी प्रकार की ज़िम्मेदारी स्वीकार करने से इनकार किया है
यूरोपीय संघ ने आयोग की शुरुआती प्रशासनिक ज़रूरतों के लिए सीमित आर्थिक सहायता देने का वादा किया है, लेकिन वास्तविक मुआवज़े के लिए बहुत बड़े फंड की आवश्यकता होगी।

पहले से मौजूद ‘डैमेज रजिस्टर’

इस नए आयोग की नींव ‘रजिस्टर ऑफ़ डैमेज’ पर आधारित है, जिसे वर्ष 2023 में बनाया गया था। इस रजिस्टर में अब तक:
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80,000 से अधिक दावे दर्ज किए जा चुके हैं
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इनमें मकानों की तबाही, आजीविका का नुकसान, शारीरिक चोटें और आर्थिक क्षति शामिल हैं
नया आयोग इन्हीं दावों की कानूनी समीक्षा कर मुआवज़े की राशि तय करेगा।
किन देशों ने समर्थन किया?
इस समझौते में:
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यूक्रेन
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यूरोपीय संघ
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नीदरलैंड्स, कनाडा, जापान सहित कुल 34 देश शामिल हैं
आयोग का मुख्यालय नीदरलैंड्स में होगा और यह काउंसिल ऑफ़ यूरोप के ढांचे के अंतर्गत काम करेगा।
यूक्रेन का बयान
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस कदम को “न्याय की दिशा में ऐतिहासिक पहल” बताया। उन्होंने कहा कि रूस को अपने आक्रमण के परिणामों की ज़िम्मेदारी लेनी होगी और युद्ध पीड़ितों को मुआवज़ा मिलना चाहिए।
आगे क्या होगा?
अब आगे की प्रक्रिया में:
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सदस्य देशों द्वारा समझौते की औपचारिक पुष्टि (Ratification)
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मुआवज़ा फंड के लिए वित्तीय व्यवस्था तय करना
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दावों की जांच शुरू कर मुआवज़े की राशि निर्धारित करना
इन चरणों के पूरा होने के बाद ही पीड़ितों को वास्तविक भुगतान का रास्ता साफ़ होगा।
यूक्रेन के लिए यह आयोग युद्ध के बाद न्याय और पुनर्निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है, लेकिन रूस से मुआवज़ा वसूलना और धन जुटाना आने वाले समय की सबसे बड़ी कूटनीतिक चुनौती बनी रहेगी।