Home latest रोड़वेज घाटे से कैसे उभरे , कंडक्टर 44 यात्रियों को...

रोड़वेज घाटे से कैसे उभरे , कंडक्टर 44 यात्रियों को धौलपुर से जयपुर तक लाया बगैर टिकट ?

0

धौलपुर से जयपुर तक चार बार जांच, फिर भी बगैर टिकट लाया 44 सवारियों को

परिचालक संदीप को किया ब्लैकलिस्टेड, संस्पैंड नहीं ? 

यात्रियों से पैसा लेते हैं लेकिन नहीं देते टिकट

सरकार नहीं करती ठोस कार्यवाही

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

मुनेश धाकरे की रिपोर्ट

धौलपुर / जयपुर।  राजस्थान रोड़वेज लगातार घाटे में चल रही है, हालात ये है कि स्टाफ को वेतन देने के लिए सरकार लगातार कर्जा ले रही है। कई कर्मचारियों की पेंशन बकाया है, स्टाफ को वेतन के लिए सरकार के मुखिया की तरफ देखना पड़ता है। इसके बावजूद सरकार राजस्थान रोड़वेज सेवा को जनहित में चला रही है। लेकिन रोड़वेज में कार्यरत स्टाफ ही रोड़वेज को घाटे में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभा रहे है। हाल ही में धौलपुर रोड़वेज डिपो ने एक जांच अभियान चलाया। उस अभियान में घौलपुर डिपो ने ऐसी भी बस पकड़ी,  जिसका धौलपुर से जयपुर तक आते समय  एक ही दिन में फ्लाइंग टीम ने चार बार निरीक्षण किया और चारों ही  बार उसे छोड़ दिया गया। नतीजा कंडक्टर संदीप धौलपुर से जयपुर तक 44 सवारियों को बगैर टिकट के ही ले आया। बेईमानी करनी की हिम्मत देखिए चार बार रास्ते में फ्लाइंग मिलती है, इसके बावजूद उसने यात्रियों के टिकट काटना उचित नहीं समझा। जैसे ही वह बस को लेकर जयपुर पहुंचा बस की सवारियों की फिर से जांच की गई , बस सवार सभी सवारियां को पैसे देने के बावजूद टिकट नहीं दिए गए। जांच के बाद विभाग की ओर से क्ंडकर को सिर्फ ब्लैडलिस्टेड किया गया। इस तरह से चोरी करने वाले स्टाफ के खिलाफ जब तक कठोर कार्रवाई नहीं होगी तब तक रोड़वेज को घाटे से निकालना मुश्किल है।

सिंधी कैंप पर हुई आरोपी के खिलाफ कार्रवाई

जयपुर सिंधी कैंप पर पहुंचने के बाद रोडवेज बस की फिर तलाशी ली गई। जहां फ्लाइंग टीम को 10 यात्री बिना टिकट के मिले। हैरानी की बात यह है कि 44 सवारियों को परिचालक बिना टिकट के यात्रा कराकर जयपुर तक ले गया और चार जगह फ्लाइंग टीम द्वारा चेकिंग भी की गई, उसके बावजूद भी परिचालक को नहीं बदला गया। इससे सिस्टम की व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े होना लाजमी है। मामले को लेकर धौलपुर रोडवेज के मुख्य प्रबंधक जगजीत सिंह ने बताया कि बस सारथी संदीप को जयपुर पहुंचते ही ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया और दूसरे चालक , परिचालक द्वारा बस को वापस धौलपुर लाया गया।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version