लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। जिले में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान और गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष एएनसी (प्रसव पूर्व) जांच शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में प्रदान की गई सुविधाएँ
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गर्भवती महिलाओं का वजन, ऊंचाई, रक्तचाप और हीमोग्लोबिन स्तर मापा गया।
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एचआईवी और सिफलिस सहित पेट की संपूर्ण चिकित्सकीय जांच की गई।
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हीमोग्लोबिन कम होने पर महिलाओं को फेरिक कार्बाोक्सीमाल्टोज (एफसीएम) इंजेक्शन दिए गए, जिससे एनीमिया में सुधार और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सके।
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‘मां वाउचर’ योजना के तहत दूसरी और तीसरी तिमाही की पात्र महिलाओं को निजी सोनोग्राफी केंद्रों में निःशुल्क सोनोग्राफी सुविधा प्रदान की गई।
प्रमुख संदेश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि एनीमिया मुक्त गर्भावस्था मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
शिविर में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं ने भाग लिया और एएनसी जांच, एफसीएम इंजेक्शन और मां वाउचर कूपन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इस पहल से सुरक्षित मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़े हैं।
