लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राम कथा के सातवें दिवस में भक्त भावविभोर
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक): शहर के राम रघुनाथ मंदिर में चल रही राम कथा के सातवें दिवस पर बुधवार को भक्तों ने भगवान राम के वन गमन के प्रसंगों का मनोभाव से अनुभव किया।
कथा वाचक राधिका दीदी ने बताया कि इस दिन जानकी जी की अवध के लिए विदाई, अवध में उत्साह का माहौल, राजा दशरथ द्वारा राम के राजा बनने की घोषणा, रानी कैकई द्वारा दो वर मांगना और राम का पिता के वचनों का पालन करते हुए सीता और लखन के साथ वन गमन जैसे प्रसंग सुनाए गए।
भक्तों ने आदिवासी सरदार निषादराज के भगवान राम के प्रति मित्रता पूर्ण समर्पण और केवटराज द्वारा भगवान को पहचान कर भावपूर्ण रूप से गंगा नदी पार कराने के प्रसंग सुनकर भाव विभोर होकर आंसू बहाए।
राम रघुनाथ मंदिर के रमेश जांगिड़ ने बताया कि सातवें दिवस पर “कभी-कभी भगवान को भी भक्तों से काम पड़ता है, गंगा पार प्रभु केवट की नाव चढ़े” जैसे भावपूर्ण भजन सुनाए गए, जिन पर भक्त मस्ती में झूम उठे।
यजमान रविशंकर शर्मा ने धर्मपत्नी के साथ आचार्य बसंत शर्मा, अजय शर्मा, हरीश चौहान, श्याम सिंह पवार के सानिध्य में संगीतमय मंत्रोच्चार के साथ भगवान का पूजन संपन्न किया। कथा के दौरान भक्तों ने भजनों पर नृत्य किया। पंडित अमित भारद्वाज ने राम रघुनाथ जी का मनोहारी दरबार सजाया।
सातवें दिवस की कथा का विश्राम अवध बिहारी जी की आरती के साथ संपन्न हुआ और भक्तों को भोग एवं प्रसाद वितरण किया गया। राम कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में उनियारा शहर और आसपास के गांवों से भक्त उपस्थित रहे।











































