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पशुपालन, गोपालन व डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

बजट घोषणाओं की क्रियान्विति को लेकर केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने दिए दिशा-निर्देश

जयपुर । बजट घोषणाओं की क्रियान्विति को लेकर शुक्रवार को पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के केबिनेट मंत्री  जोराराम कुमावत ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा, डायरेक्टर डॉ. आनंद सेजरा, गोपालन विभाग तथा आरसीडीएफ की सीएमडी  श्रुति भारद्धाज उपस्थित रहे।

गौशालाओं को बढ़ा अनुदान, बाजरे का विकल्प भी

मंत्री कुमावत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणाओं के तहत प्रदेश की गौशालाओं एवं नंदीशालाओं के लिए प्रति पशु अनुदान 15% बढ़ाकर 50 रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। इसके अलावा शीत ऋतु में गायों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यकतानुसार अनुदान की जगह बाजरा उपलब्ध करवाने का विकल्प भी दिया गया है।

10 लाख पशुपालकों को मिलेगा सैक्स सोर्टेड सीमन

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 10 लाख पशुपालकों को सैक्स सोर्टेड सीमन उपलब्ध करवाने की घोषणा पर कार्य शुरू हो चुका है। बस्सी स्थित अत्याधुनिक लैब में इसका उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है।
साथ ही, जयपुर के पांच बत्ती पॉलीक्लिनिक को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस-राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ वेटनरी साइंसेज के रूप में विकसित किया जाएगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 75 करोड़ रुपए

पशु चिकित्सालयों, कार्यालयों व प्रयोगशालाओं के भवन निर्माण, मरम्मत, चारदिवारी, उपकरण व फर्नीचर के लिए 75 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। इसके बजट प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजे जा चुके हैं।
कोटा में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय खोलने के लिए प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है और भूमि आवंटन हो गया है।

पाली में राज्य का प्रथम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इंडिजिनियस फार्म

देशी पशुओं के संरक्षण व संवर्धन के लिए पाली में राज्य का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इंडिजिनियस फार्म स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 10 करोड़ रुपए व्यय होंगे और 32 हैक्टेयर भूमि का आवंटन किया जा चुका है।

200 नए उपकेंद्र व 305 संस्थाओं का निर्माण

बजट घोषणा के तहत

  • 200 नए पशु चिकित्सा उप केंद्र,

  • 25 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय को बहुउद्देश्यीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत,

  • 50 उप केंद्र को चिकित्सालय में क्रमोन्नत और

  • 50 चिकित्सालय को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की स्वीकृति जारी हो चुकी है।
    इसके अलावा 305 संस्थाओं के भवन निर्माण हेतु पट्टे प्राप्त किए जा चुके हैं।

भरतपुर में वेटनरी कॉलेज को नई जगह

भरतपुर का पशु चिकित्सालय एवं वेटनरी कॉलेज अब जघीना में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए भूमि का आवंटन किया जा चुका है। जघीना में बहुउद्देश्यीय पशु चिकित्सालय, क्षेत्रीय रोग निदान केंद्र व संयुक्त निदेशक कार्यालय भवन के लिए 22.22 करोड़ रुपए के बजट आवंटन को वित्त विभाग से सहमति मिल चुकी है।

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