Home latest पर्यूषण पर्व के आठवें दिन जैन समाज ने ‘उत्तम त्याग धर्म’ की...

पर्यूषण पर्व के आठवें दिन जैन समाज ने ‘उत्तम त्याग धर्म’ की पूजा की

0

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क 

उनियारा | सत्यप्रकाश मयंक

उनियारा। उपखंड क्षेत्र में जैन समाज के पर्यूषण दशलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म को बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। प्रबंध कमेटी के गजानन्द बड़जात्या और चेतन जैन ने बताया कि दशलक्षण पर्व में ‘उत्तम त्याग धर्म’ का अर्थ है आंतरिक और बाहरी आसक्तियों, इच्छाओं तथा मोह का निस्वार्थ त्याग। इसका महत्व आत्मशुद्धि, कर्म बंधन से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति में है।

जैन धर्म में त्याग को दान के रूप में भी देखा जाता है:

  1. आहार दान – असहाय मुनि, आर्यिकाओं और जरूरतमंदों को भोजन प्रदान करना।

  2. औषध दान – रोगियों को मुफ्त दवाइयां देना और उनकी चिकित्सा व्यवस्था करना।

  3. अभय दान – संकटग्रस्त जीवों को जीवनदान देना और उन्हें संकट से बचाना।

  4. ज्ञान दान – धार्मिक ज्ञान और पवित्र ग्रंथों की शिक्षा प्रदान करना।

कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाष्टक से हुई, इसके बाद नित्य अभिषेक और शांतिधारा संपन्न की गई। फिर देवशास्त्र पूजा, मुलनाक भगवान सोलहभावना, नंदीश्वरदीप और चौबीस भगवान दश लक्षण पूजा सानंद संपन्न हुई।

भक्तामर संयोजक नरेंद्र जैन बनेठा ने बताया कि शाम साढ़े 7 बजे भक्तामर दीपार्चना भी आयोजित की गई।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version