लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने में राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना, ढाई साल में निवेश चार गुना बढ़ा
जयपुर। केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश के इनोवेशन ईको सिस्टम में राजस्थान महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। राज्य सरकार द्वारा स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने युवाओं से नवाचार आधारित विचारों को धरातल पर उतारकर आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।
गुरुवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आयोजित राजस्थान यूथ कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता के लिए वित्तीय सहयोग और संस्थागत समर्थन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को अपनी सेवाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखनी चाहिए, बल्कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचानी चाहिए। इसके लिए केन्द्र और राज्य सरकारें आवश्यक नीतिगत एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री जनधन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि वित्तीय समावेशन की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम साबित हुई है। आज जनधन खातों के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग और ऋण सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।
राजस्थान में स्टार्टअप निवेश चार गुना बढ़ा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में राजस्थान के स्टार्टअप्स में लगभग 250 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था, जो अब बढ़कर 1,054 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं स्टार्टअप्स के माध्यम से रोजगार के अवसर 22 हजार से बढ़कर 49 हजार से अधिक हो गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राजस्थान स्टार्टअप कार्यक्रम के तहत 4,828 नए स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं। जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं को नवाचार से जोड़ने के लिए बांसवाड़ा में ट्राइबल इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण किया गया है, जिससे प्रदेश में इन्क्यूबेशन सेंटर्स की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
33 जिलों तक पहुंचा आई-स्टार्ट कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली और ग्रामीण युवाओं में नवाचार एवं उद्यमिता की सोच विकसित करने के लिए आई-स्टार्ट कार्यक्रम का विस्तार प्रदेश के सभी 33 जिलों तक किया गया है। चयनित विद्यालयों और महाविद्यालयों में 65 आई-स्टार्ट लॉन्चपैड नेस्ट स्थापित किए गए हैं, जिनमें 1.29 लाख विद्यार्थियों का पंजीकरण हो चुका है।
उन्होंने बताया कि 3,000 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में 4,000 से ज्यादा आउटरीच सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। राजस्थान इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से कृषि, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, पर्यटन, खनन और जनसेवा जैसे क्षेत्रों में तकनीक आधारित समाधान विकसित करने के लिए 7.5 करोड़ रुपये तक की अनुदान सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
एआई और नई तकनीकों पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है। एवीजीसी-एक्सआर नीति लागू कर एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान एआई-एमएल नीति 2026 जारी की गई है, जिससे प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में नवाचार, निवेश, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। युवा एआई फॉर ऑल कार्यक्रम के तहत लगभग 4,000 सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
व्हाट्सऐप पर उपलब्ध हुईं ई-मित्र की 51 सेवाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि नागरिकों को अब व्हाट्सऐप के माध्यम से ई-मित्र की 27 श्रेणियों की 51 सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। आगामी समय में 58 और सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से इस प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि जयपुर में ब्रह्मगुप्त सेंटर फॉर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के माध्यम से डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और ब्लॉकचेन के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए हैं। राजस्थान नवाचार, कौशल विकास, डिजिटल सेवाओं और नई तकनीकों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कई परियोजनाओं का शुभारम्भ और शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री ने राजस्थान स्टार्टअप क्वेस्ट-2026 तथा सिंगल हॉलिस्टिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल का शुभारम्भ किया। साथ ही जोधपुर एवं उदयपुर में डिजिटल प्लेनेटेरियम का शिलान्यास तथा जयपुर में 7डी थिएटर, न्यूक्लियर पावर गैलरी और उदयपुर उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र का लोकार्पण किया गया।
इसके अलावा सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के साथ दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु में आई-स्टार्ट सुविधा डेस्क स्थापित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और डीओआईटी के बीच भी समझौता हुआ।
लाभार्थियों को डीबीटी और ऋण सहायता
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण) के 33,806 लाभार्थियों को 182.08 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। राजीविका स्वयं सहायता समूहों की 2,670 लखपति दीदियों को मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के तहत 22 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए।
वहीं पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत 3,011 पथ विक्रेताओं को 5.64 करोड़ रुपये के ऋण चेक सौंपे गए। साथ ही प्रदेश के 33 स्टार्टअप्स को 50 करोड़ रुपये की फंडिंग भी प्रदान की गई।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, विधायक गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक संजय अग्रवाल, स्टार्टअप फाउंडर्स, वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
