लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां | रिपोर्ट: गौतम शर्मा
पादूकलां। कस्बे में अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज, हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार महोत्सव शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना के विराट स्वरूप के साथ सम्पन्न हुआ।
महायज्ञ में 31 जोड़ों ने सपत्नीक देव पूजन कर यज्ञ वेदी पर गायत्री माता को आहुतियां अर्पित कीं। इसके अलावा आसपास के गांवों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के बीच विश्व कल्याण, सद्बुद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ देवकन्या मंडल द्वारा सामूहिक गायत्री चालीसा पाठ से हुआ। इसके बाद विधिवत देव पूजन, गुरु पूजन एवं यज्ञ अनुष्ठान सम्पन्न कराया गया। यज्ञशाला में गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, सूर्य गायत्री और हनुमान गायत्री के मंत्रों की गूँज ने संपूर्ण वातावरण भक्तिमय कर दिया।
महायज्ञ में पादूकलां, सेंसड़ा, रियांबड़ी, मेवड़ा, थाट, नेतड़िया और कुचामन के पलाड़ा सहित कई गांवों से श्रद्धालु पहुंचे। ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत 21 श्रद्धालुओं ने ज्ञानदूत बनने का संकल्प, जबकि 20 लोगों ने नित्य स्वाध्याय एवं व्यसनमुक्त जीवन अपनाने की प्रतिज्ञा की। महिलाओं ने घर-घर बलिवैश्व एवं नित्य हवन करने का संकल्प लिया।
शांतिकुंज, हरिद्वार की टोली से भगवती स्वामी एवं श्रीमती कमला देवी सोनी ने यज्ञ की महिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला। सायंकाल आयोजित प्रज्ञा पुराण कथा में कथा वाचक ने व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण एवं समाज निर्माण की आवश्यकता पर प्रेरक संदेश दिए।
कार्यक्रम में प्रांतीय प्रचारक गोपाल स्वामी, वीरू सिंह, दाऊलाल, नरेश सहित गायत्री परिवार के प्रतिनिधि दिनेश फड़ोलिया, पंडित हस्तीमल उपाध्याय, सुगनचंद पारीक एवं सीताराम सोनी ने व्यवस्थाएं संभाली। उपाचार्य का दायित्व निर्मल पारीक स्वामी और कृष्णा देवी के नेतृत्व में बालिकाओं ने निभाया। बालिकाओं द्वारा सामूहिक रूप से सूर्य भगवान को अर्घ अर्पित किया गया और श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की 108 परिक्रमा की।
गायत्री परिवार के सदस्य दिनेशराम फड़ोलिया ने बताया कि संस्कार महोत्सव के अंतर्गत आगामी कार्यक्रमों में पुंसवन (गर्भोत्सव), गुरु दीक्षा और जनेऊ संस्कार आयोजित किए जाएंगे। शनिवार, 3 जनवरी को गर्भवती महिलाओं का पुंसवन संस्कार, वहीं सायं 4.15 बजे से प्रज्ञा पुराण कथा के साथ 1100 दीपों से भव्य दीप महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
फोटो कैप्शन: पादूकलां में आयोजित नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ में मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ वेदी पर आहुतियां देते 31 जोड़े एवं देव पूजन के दौरान बालिकाओं द्वारा सूर्य भगवान को अर्घ अर्पित करते हुए।



















































