लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
कई शहरों में सीमित ईंधन बिक्री से बढ़ी चिंता
जयपुर/नोएडा। नितिन मेहरा, वरिष्ठ संवाददाता (राजस्थान)
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल आपूर्ति संकट का असर अब भारत के ईंधन बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिसके चलते देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है।
कच्चा तेल 107 डॉलर के पार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में WTI और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार WTI क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है। इसके पीछे मिडिल ईस्ट में बढ़ता सैन्य तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल आपूर्ति पर असर को मुख्य वजह माना जा रहा है।
राजस्थान में बढ़ीं ईंधन कीमतें
ईंधन कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद राजस्थान में भी पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए हैं।
- जयपुर में पेट्रोल करीब ₹107 प्रति लीटर के आसपास पहुंच गया है।
- सीमावर्ती जिलों जैसे श्रीगंगानगर, जैसलमेर और बाड़मेर में वैट अधिक होने के कारण कीमतें और ज्यादा बताई जा रही हैं।
नोएडा और पुणे में सीमित ईंधन बिक्री
Jio-bp समेत कुछ निजी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर “पैनिक बाइंग” रोकने के लिए सीमित मात्रा में ईंधन दिए जाने की खबरें सामने आई हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार:
- कुछ पंपों पर प्रति वाहन अधिकतम सीमा तय की गई।
- कई डीलरों को मांग से कम सप्लाई मिल रही है।
- कुछ स्थानों पर “नो स्टॉक” बोर्ड भी लगाए गए।
हालांकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में किसी प्रकार की आधिकारिक राशनिंग लागू नहीं की गई है।
सरकार ने कहा- पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने दावा किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार:
- भारत के पास लगभग 60 दिनों का कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार मौजूद है।
- एलपीजी का भी पर्याप्त बैकअप उपलब्ध है।
- फिलहाल किसी आधिकारिक ईंधन कटौती या राशनिंग की योजना नहीं है।
महंगाई बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर जल्द ही रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी दिखाई दे सकता है। ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ने से फल, सब्जियां, दूध और अन्य जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं।
ईंधन बचत की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है। वहीं कुछ राज्यों में सरकारी कर्मचारियों के लिए आंशिक वर्क फ्रॉम होम और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे सुझावों पर भी चर्चा हो रही है।
