लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया) ।
प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं के साथ हो रही कथित धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। उपभोक्ता मामले विभाग की अचानक की गई जांच कार्रवाई में कई जिलों में बड़े पैमाने पर ईंधन में कमी (शॉर्ट डिलीवरी) पाई गई है।
जांच के दौरान प्रदेश के 7 जिलों में कुल 25 पेट्रोल पंपों के 43 नोजल सीज/बंद किए गए।
हर 5 लीटर पर 30 से 60 एमएल तक कम ईंधन
जांच में सामने आया कि कई पेट्रोल पंप उपभोक्ताओं को प्रति 5 लीटर पर 30 से 60 एमएल तक कम ईंधन दे रहे थे। बड़ी बिक्री के कारण यह गड़बड़ी हर महीने उपभोक्ताओं को लाखों रुपये के नुकसान का कारण बन रही थी।
जिलेवार कार्रवाई
सिरोही
सिरोही जिले में 7 पेट्रोल पंपों के 9 नोजल बंद किए गए। इनमें रामपीर फिलिंग स्टेशन, पवन फिलिंग, करणी फ्यूल, देवनगरी पेट्रोलियम सर्विस, पार्वती दरिया फिलिंग स्टेशन, सुरेन्द्र जितेन्द्र ट्रेडर्स और भगवती फिलिंग स्टेशन शामिल हैं। यहां 40 से 50 एमएल तक शॉर्ट डिलीवरी पाई गई।
अलवर
अलवर जिले में सिंघल सर्विस स्टेशन और चौधरी सर्विस स्टेशन के 5 नोजल बंद किए गए। यहां प्रतिमाह सैकड़ों लीटर तक कम ईंधन दिए जाने का मामला सामने आया।
नागौर
नागौर में 4 पेट्रोल पंपों के 11 नोजल जब्त किए गए। इनमें नंदलाल राजेश कुमार कछवाहा फिलिंग स्टेशन, गुलाबदास आत्माराम, मारवाड़ फिलिंग स्टेशन और आर. एल. सिहाग पेट्रोलियम शामिल हैं।
भीलवाड़ा
भीलवाड़ा जिले में 3 पेट्रोल पंपों के 4 नोजल बंद किए गए, जिनमें दीपक पेट्रोलियम, शिव इंडियन ऑयल और श्री श्याम फिलिंग स्टेशन शामिल हैं।
सीकर
सीकर में सीएसआरबी फिलिंग स्टेशन (नायरा) के 4 नोजल बंद किए गए, जहां प्रतिमाह 216 लीटर तक कमी पाई गई।
पाली
पाली जिले में मा आई जी फिलिंग, पूजा एचपी पेट्रोलियम, पार्श्व एनर्जी और कछवा बस सर्विसेज के 5 नोजल बंद किए गए।
लाखों रुपये की अनुमानित हानि
विभागीय आकलन के अनुसार इन मामलों में उपभोक्ताओं को हर महीने करीब ₹4 लाख तक का अतिरिक्त नुकसान हो रहा था।
मंत्री का बयान
उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि विभाग उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सजग है और इस तरह की औचक जांच आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
