लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गौतम शर्मा, राजसमन्द।
राजसमन्द जिले की लोढ़ियाना पंचायत के मंडपरी गांव में हालात आज भी स्वतंत्रता के शुरुआती वर्षों जैसे ही बने हुए हैं। देश आजाद हुए 76 साल बीत चुके हैं, लेकिन लगभग 50 घरों वाले इस गांव में आज तक एक भी नल कनेक्शन नहीं लगाया गया। स्थिति यह है कि गांव की महिलाएँ यानी यहां की ‘पनिहारियां’ आज भी रोजाना दूर-दराज के ट्यूवेल और खेतों में बने स्रोतों से सिर पर मटके रखकर पानी लाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत और जलदाय विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। ग्रामवासी चन्द्र्री देवी, मांगी देवी और रोशन लाल बताते हैं— “सरकारें बदलीं, नेता बदले, लेकिन हमारे गांव में पानी की लाइन आज तक नहीं पहुंची।”
गांव के बाहर एक ट्यूवेल और लगभग 500 लीटर क्षमता की प्लास्टिक टंकी लगी है, लेकिन वह भी बेहद अपर्याप्त है। 20–40 बाल्टियां भरने के बाद ही टंकी खाली हो जाती है। गर्मियों में हालात और भी अधिक गंभीर हो जाते हैं, जिससे महिलाओं को कई किलोमीटर पैदल जाकर पानी लाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गांव में नल कनेक्शन नहीं लगाए गए, तो वे आगामी चुनाव में वोट बहिष्कार करेंगे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीने के पानी की इस बुनियादी समस्या को तत्काल दूर करने की मांग की है, ताकि गांव को भी मूलभूत सुविधा मिल सके।